Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा पर राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने सरकार से की अपील

बांग्लादेश में कट्टरपंथी बदमाशों से तीन हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया है। इस दौरान मैमनसिंह और दिनाजपुर जिलों में आठ मूर्तियों को खंडित करने की ख़बर सामने आई है। इसको लेकर अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास की प्रतिक्रिया सामनी आई है। सत्येंद्र दास ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।

Loading Ad...
भारत के लाख विरोध के बावजूद पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में लगातार हिंदू मंदिरो में तोड़फोड़ के मामले बढ़ते ही जा रहे है। सत्ता परिवर्तन के बाद से ही कट्टरपंथी हिंदुओं के साथ हिंसा कर रहे है। शनिवार को एक बार फिर ख़बर सामने आई कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी बदमाशों से तीन हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया है। इस दौरान मैमनसिंह और दिनाजपुर जिलों में आठ मूर्तियों को खंडित करने की ख़बर सामने आई है। इसको लेकर अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास की प्रतिक्रिया सामनी आई है। सत्येंद्र दास ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।


राम मंदिर के पुजारी की सरकार से अपील 

आचार्य सत्येंद्र दास ने शनिवार को एक बयान में कहा कि बांग्लादेश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है तब से हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है। यह दुखद है कि बांग्लादेश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है, तब से वहां कट्टरपंथी बस गए हैं। वह अपना ध्येय बनाए हैं यहां किसी न किसी प्रकार से हिन्दुओं को हटा दिया जाय। इसी कारण वे लोग हिन्दुओं की संपत्ति लूट रहे हैं, उनके मंदिर तोड़ रहे हैं।आचार्य सत्येंद्र दास ने सरकार से अपील की है कि वहां हिंदुओं को बचाने के लिए कुछ करना चाहिए, वरना वहां हिन्दू नहीं बचेगा। जैसे पाकिस्तान में हिंदुओं को धीरे-धीरे खत्म कर दिया गया, बांग्लादेश भी पाकिस्तान हो जाएगा। यह दुख की बात है कि बहुत जगह से हिंदू वर्ग सरकार से कोई ठोस कदम उठाने की मांग कर रहा है।


उन्होंने कहा कि ऐसे ही चलता रहा तो एक देश के हिंदू समाप्त हो जाएंगे। बहुत से देशों में हिंदू हैं और अपना काम कर रहे हैं। लेकिन बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन होने के ही बाद ऐसी घटना हो रही है। यह बहुत दुखद है, इस पर सरकार को संज्ञान लेना चाहिए।ज्ञात हो कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। मंदिरों पर हमले, जमीन पर कब्जे और सामाजिक उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) के साथ अन्य सामाजिक संगठन के लोग भी इस अत्याचार के खिलाफ लामबंद हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...