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विजय चौक तक पहुंचे प्रदर्शनकारी, संसद भवन का मेन गेट किया गया बंद, सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के दागे गोले, पुलिस से हुई झड़प
CJP Protest Live: दिल्ली में संसद भवन की ओर सीजेपी का मार्च उग्र होता जा रहा है. संसद से करीब विजय चौक तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए हैं, जिसके बाद सुरक्षाबलों को CJP और दूसरे प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े हैं. ऐसे में संसद भवन के मेन गेट को बंद कर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है.
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CJP Protest Live: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च निकाला, जिसके दौरान दिल्ली के कई इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कई जगहों पर झड़प हुई और हालात को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए.
संसद के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी विजय चौक होते हुए रेल भवन तक पहुंच गए. यह इलाका संसद भवन के बेहद करीब माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हाई अलर्ट पर आ गईं. एहतियात के तौर पर संसद भवन के कुछ प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई. संसद के आसपास CRPF, पैरामिलिट्री बल और संसद सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई, जबकि पुलिस लगातार लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों से पीछे हटने की अपील करती रही.
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बदरपुर बॉर्डर से लेकर रेल भवन तक कड़ी पुलिस कार्रवाई
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दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बदरपुर बॉर्डर सहित कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी. रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अलग-अलग मेट्रो स्टेशनों से निकलकर पैदल संसद की ओर बढ़े. आमतौर पर विरोध प्रदर्शन रायसीना रोड तक सीमित रहते हैं, लेकिन इस बार प्रदर्शनकारियों का रेल भवन तक पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और एंटी-रायट टीम ने भीड़ को वहां से हटाया.
अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त किया
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इसी बीच आंदोलन से जुड़ी एक अहम खबर भी सामने आई. छात्र नेता अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. उनके साथ पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे तीन अन्य छात्रों ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया है. हालांकि, प्रदर्शन और राजनीतिक विरोध लगातार जारी है.
अमित शाह से धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात
दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी. उन्होंने कहा कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है और उन्हें किसी तरह की हिरासत में नहीं रखा गया है, तो उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने दिया जाए. इसी दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए पहुंचे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं.
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बताते चलें कि इस घटनाक्रम का असर आम लोगों पर भी देखने को मिला. राजीव चौक, जंतर मंतर, पटेल चौक, मंडी हाउस और संसद के आसपास कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की शिकायतें सामने आईं. लोगों ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाओं के धीमा होने की बात कही. वहीं, कई वामपंथी छात्र संगठनों ने इंटरनेट प्रभावित होने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है.