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संसद परिसर में आमने-सामने आए PM मोदी और राहुल गांधी, कुछ मिनटों की बातचीत का VIDEO हुआ वायरल; जानें क्या हुई चर्चा

संसद परिसर में शनिवार को एक खास पल देखने को मिला, जब राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी अचानक आमने-सामने आए और कुछ देर बातचीत करते नजर आए. 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले की जयंती पर प्रेरणा स्थल पर मौजूद नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई, जिसने सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ा दी.

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सियासत में आमतौर पर बयानबाजी की धार तेज होती है, मंच अलग-अलग होते हैं और नेताओं के बीच दूरी साफ नजर आती है. लेकिन कभी-कभी ऐसे पल भी सामने आते हैं, जब यही चेहरे आमने-सामने खड़े होकर सहज बातचीत करते दिखाई देते हैं और वही दृश्य सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर लेता है. ऐसा ही ताज़ा नजारा शनिवार को संसद परिसर में देखने को मिला. जब कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक आमने-सामने आए और कुछ समय तक बातचीत करते नजर आए. यह महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि उस सियासी माहौल की अलग तस्वीर थी, जहां मंचों पर तल्खी के बीच निजी स्तर पर संवाद की झलक साफ दिखाई दी.

दरअसल, यह घटना 11 अप्रैल की है, जब प्रधानमंत्री मोदी महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. उस समय वहां राहुल गांधी समेत कई अन्य नेता पहले से मौजूद थे. जैसे ही प्रधानमंत्री वहां पहुंचे, उन्होंने एक-एक कर सभी नेताओं से मुलाकात की. जब मोदी राहुल गांधी के सामने पहुंचे, तो दोनों कुछ क्षण के लिए रुके और हल्की बातचीत करते नजर आए. बातचीत का विषय क्या था, यह सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन दोनों नेताओं की यह सहज मुलाकात कई मायनों में खास मानी जा रही है.

कुछ सेकंड की बातचीत बनी बड़ी चर्चा

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इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी मौके पर मौजूद थे. सभी नेताओं के बीच औपचारिक मुलाकात का यह दृश्य सामान्य था, लेकिन राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत ने इसे खास बना दिया. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह दृश्य इसलिए भी अहम है क्योंकि संसद के अंदर और चुनावी रैलियों में दोनों नेताओं के बीच अक्सर तीखे हमले देखने को मिलते हैं. ऐसे में इस तरह का आमना-सामना यह संकेत देता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद की संभावना हमेशा बनी रहती है.

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PM मोदी ने दिया अहम संदेश 

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने समाज सुधारक ज्योतिराव फुले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि फुले का जीवन समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को समर्पित था. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि महात्मा फुले ने अपना पूरा जीवन शिक्षा और जन कल्याण के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई. बता दें कि फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था और उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी. शिक्षा को उन्होंने सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है.

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बहरहाल, संसद परिसर में हुई यह छोटी सी मुलाकात यह बताती है कि राजनीति केवल विरोध और टकराव तक सीमित नहीं है. कभी-कभी संवाद के छोटे-छोटे पल भी बड़े संदेश दे जाते हैं. पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई यह बातचीत भले ही कुछ सेकंड की रही हो, लेकिन इसने यह जरूर दिखा दिया कि लोकतंत्र में असहमति के साथ-साथ संवाद भी उतना ही जरूरी है. यही वह संतुलन है, जो लोकतंत्र को मजबूत बनाता है और समाज को आगे बढ़ने की दिशा देता है.

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