Advertisement
'हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता ना करें...', होर्मुज संकट के बीच ईरान ने कर दी भारत और सरकार की तारीफ, क्या बोला
होर्मुज संकट और ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत में ईरानी दूतावास ने अपने एक क्रिप्टिक मैसेज में भारतीय सरकार और उसके नेतृत्व की तारीफ की है. सोशल मीडिया पोस्ट में दूतावास ने जो लिखा है, वो अब वायरल हो रहा है.
Advertisement
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच भीषण संघर्ष दूसरे महीने में आ चुका है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान और ईरानी ताकत को पूरी तरह से कमजोर कर दिया गया है, वहीं ईरान भी लगातार हमले तेज कर रहा है. इन सबके बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है. मौजूदा हालात के बीच भारत में ईरानी दूतावास ने कहा है कि भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं.
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य सिर्फ ईरान और ओमान ही तय करेंगे. आप सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं." इसे रिपोस्ट कर भारत में ईरानी दूतावास ने लिखा, "हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं."
तेहरान के मेयर के प्रवक्ता अब्दुलमोहर मोहम्मदखानी ने कहा कि हाउसिंग यूनिट्स को हुए नुकसान में कांच, दरवाजे और खिड़कियों जैसी छोटी-मोटी मरम्मत से लेकर बड़े रीकंस्ट्रक्शन या पूरे रेनोवेशन तक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि 1,869 परिवारों को घर की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि करीब 1,245 परिवारों को 23 रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया गया है. मोहम्मदखानी ने आगे कहा कि अब तक 4,000 से ज्यादा रेजिडेंशियल यूनिट्स की मरम्मत शुरू हो चुकी है, जिन्हें नगर निकाय ने या तो किया है या वित्तीय समर्थन दिया है.
Advertisement
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्रंप के भाषण के जवाब में एक बयान जारी किया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि ईरान को दो से तीन हफ्ते के अंदर एक समझौते के लिए सहमत होना होगा या अपने हर पावर प्लांट पर हमले का सामना करना होगा.
Advertisement
ट्रंप की इस धमकी को लेकर इस्माइल बघाई ने कहा, "हम युद्ध, बातचीत, सीजफायर और फिर उसी पैटर्न को दोहराने के इस बुरे चक्र को बर्दाश्त नहीं करेंगे." उन्होंने चल रहे संघर्ष को "न केवल ईरान के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और उससे आगे के लिए विनाशकारी" बताया. बघाई ने कहा कि जब तक अमेरिकी-इजरायली हमले जारी रहेंगे, ईरान जवाबी कार्रवाई करता रहेगा. तेहरान अपने खाड़ी पड़ोसियों को दुश्मन नहीं मानता.
उन्होंने कहा, "हमने बार-बार कहा है कि हम उन सभी के साथ अपने अच्छे पड़ोसी वाले संबंध जारी रखने के लिए पक्के इरादे वाले हैं. समस्या यह है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ अपने सैन्य हमले को अंजाम देने के लिए उनके इलाकों का इस्तेमाल कर रहे हैं." आपको बता दें कि इससे पहले ईरान ने होर्मुज से भारतीय झंडाधारी जहाजों को निकलने की इजाजत दी थी.
Advertisement
ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकलने की इजाजत दी
मिडिल ईस्ट में बीते 28 फरवरी से चल जंग के बीच ईरान ने भारत से सच्ची दोस्ती दिखाते हुए घोषणा की थी कि वो भारत समेत पांच मित्र देशों के जहाजों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति देगा. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया था कि यह होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है और मित्र देशों के जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहेगी. इस कदम को वैश्विक सप्लाई चेन और कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर उन देशों के लिए जिनका ईरान के साथ लंबा व्यापार और कूटनीतिक संबंध है.
ये भी पढ़ें: होर्मुज से भारत के लिए गुड न्यूज... ईरान के विदेश मंत्री अराघची का बड़ा ऐलान, इन देशों के जहाजों को नहीं रोका जाएगा
Advertisement
भारत में ईरान के वाणिज्य दूतावास ने भी की थी पुष्टि
यह भी पढ़ें
इस संबंध मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने भी इस फैसले की पुष्टि सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की. पोस्ट में विदेश मंत्री अराघची के हवाले से कहा गया था कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की गई है. इतना ही नहीं PM मोदी की नियमित रूप से ईरानी राष्ट्रपति से बात होती रही है. वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर की भी अपने समकक्ष