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'नई पीढ़ी संभाले कमान, पुरानी पीढ़ी बने मार्गदर्शक...', आखिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने क्यों कही यह बात

नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगली पीढ़ी को समय पर जिम्मेदारी सौंपने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब पुरानी पीढ़ी को सम्मानपूर्वक पीछे हट जाना चाहिए.

'नई पीढ़ी संभाले कमान, पुरानी पीढ़ी बने मार्गदर्शक...', आखिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने क्यों कही यह बात
Nitin Gadkari (File Photo)

महाराष्ट्र के नागपुर से एक अहम संदेश सामने आया है, जो सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि समाज और उद्योग जगत के लिए भी दिशा तय करता है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अगली पीढ़ी को समय पर जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि जब व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब पुरानी पीढ़ी को सम्मानपूर्वक पीछे हट जाना चाहिए.

पीढ़ियों का बदलाव जरूरी 

रविवार को नागपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में गडकरी विदर्भ-खासदार औद्योगिक महोत्सव पर बात कर रहे थे. इस महोत्सव की परिकल्पना स्वयं गडकरी ने की थी, जबकि इसका आयोजन एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट यानी एआईडी के अध्यक्ष आशीष काले ने किया. गडकरी ने इस मौके पर आशीष काले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘एडवांटेज विदर्भ’ पहल में युवा पीढ़ी को सक्रिय रूप से शामिल किया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीढ़ियों का बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. उनका मानना है कि जब नई पीढ़ी नेतृत्व संभालने में सक्षम हो जाए, तब वरिष्ठ लोगों को मार्गदर्शक की भूमिका में आ जाना चाहिए. गडकरी ने भावुक अंदाज में कहा कि आशीष काले के पिता उनके पुराने मित्र हैं, लेकिन अब समय है कि नई सोच और नई ऊर्जा को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए.

एडवांटेज विदर्भ एक्सपो का तीसरा वर्ष

एआईडी के मुख्य मार्गदर्शक के रूप में गडकरी ने बताया कि ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ का यह तीसरा वर्ष है, जो छह से आठ फरवरी तक नागपुर में आयोजित हो रहा है. उन्होंने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में हर सेक्टर में बेहतरीन उद्यमी मौजूद हैं और यह क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरा हुआ है. तीन दिवसीय इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य विदर्भ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते हुए विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है. गडकरी ने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए उद्योग, कृषि व उससे जुड़े क्षेत्र और सेवा क्षेत्र का संतुलित विकास बेहद जरूरी है.

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बताते चलें कि इस एक्सपो में कपड़ा, प्लास्टिक, खनिज, कोयला, विमानन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे अहम क्षेत्रों की भागीदारी देखने को मिलेगी. यह आयोजन विदर्भ के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है.

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