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Nepal Flood: तबाही के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने बालेन शाह को लगाया फोन, नेपाली PM ने जवाब में क्या कहा?

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर है. हजारों लोग लापता हैं. मलबे के बीच जिंदगी बचाने और ढूंढने की कवायद जारी है. पड़ोसी के इस मुश्किल वक्त में भारत लगातार मदद भेज रहा है.

Image Source- IANS
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Nepal Flood: नेपाल में कुदरती सैलाब के बाद भारी बर्बादी का मंजर है. इस बीच पडो़सी के लिए भारत हरसंभव मदद कर रहा है. राहत और बचाव अभियान के तहत लगातार नेपाल को मदद भेजी जा रही है. भारत से राहत सामग्री की दूसरी खेप भी भेजी जा चुकी है. इस मुश्किल घड़ी में साथ देने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने PM मोदी का आभार जताया है. 

PM बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार की ओर से भेजी गई मदद के लिए सरहना की. बालेन शाह ने लिखा, 

‘इस मुश्किल समय में PM मोदी की उदार पेशकश की दिल से सराहना करते हैं. समर्थन का ये भाव दोनों देशों के बीच दोस्ती के मजबूत रिश्तों को भी दिखाता है.’ 

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दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के PM बालेन शाह से फोन पर बात की थी. इस दौरान PM मोदी ने हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया है कि भारत नेपाल के साथ खड़ा है. उन्होंने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट किया. जिसमें बताया, ‘मैंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में आई बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की. इस मुश्किल समय में, भारत के लोग नेपाल में अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं.’ नेपाल ने भारत के इस सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया. 

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भारत लगातार नेपाल पहुंचा रहा सहायता

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नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से हुई तबाही के बाद भारत की ओर से लगातार सहायता जारी है. व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया क‍ि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए बुधवार को दस टन मानवीय सहायता की पहली खेप भेजी थी. फिर दूसरे दिन गुरुवार को भी भारत ने दूसरी 37.5 टन खेप रवाना कर दी है. भारत ने 
मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे हैं.

इसके अलावा भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में बना हुआ है. राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग जारी रखा जाएगा. 

नेपाल बाढ़ में कितने लोगों की मौत? 

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह तक नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ में बह गए 162 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस ने एक नोटिस में बताया कि ये शव भोटेकोशी और त्रिशूल नदी प्रणालियों के निचले इलाकों के कई जिलों में नदी के किनारों से बरामद किए गए. इनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं. 

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण रुक गया. इसके बाद सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गांव प्रभावित हुआ. 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था. बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे. 

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