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Toy Car का इस्तेमाल, देश को दहलाने का था मोसाब, हमद का प्लान...सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़े जैश के दो आतंकी, हुआ बड़ा खुलासा

मुंबई में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कमायाबी हाथ लगी है. दिल्ली सहित देश के कई इलाकों को टॉय कार के जरिए दहलाने के प्लान में शामिल दो जैश आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है.

जैश के दो आतंकी गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)
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आतंकवाद और आतंकियों के पूरे तंत्र पर रोक लगाने के लिए पूरे देश में तेजी से अभियान चल रहा है. इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और महाराष्ट्र की आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) ने साझी कार्रवाई में मुंबई से दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. इन पर राजधानी दिल्ली में एक नए तरीके के 'Toy Car' इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमले की साज़िश रचने का आरोप है.

जैश के दो आतंकी गिरफ्तार!

ख़बर के मुताबिक गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों की पहचान मोसाब अहदम उर्फ़ कलाम कल्याण और मोहम्मद हमद कोल्लारा के रूप में हुई है. इन्हें एक कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया, जिन्हें आगे की गहन पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया.

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खिलौना कार के जरिए था देश को दहलाने का प्लान!

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मामले से जुड़े अधिकारियों और एजेंसियों ने खुलासा किया कि गिरफ्तार संदिग्ध एक ऐसे हमले की योजना के एडवांस फेज में थे, जिसमें विस्फोटकों से लैस एक रिमोट-नियंत्रित खिलौना कार का इस्तेमाल किया जा सकता था. यह एक ऐसी रणनीति है जो वैश्विक आतंकवादी घटनाओं में संदेह से बचने की अपनी क्षमता के लिए जानी जाती है.

ISIS से भी थे आतंकियों के संबंध!

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अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चलता है कि ये दोनों आतंकी बहुत ज्यादा कट्टरपंथी थे और इनके कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट से भी संबंध थे.

कई चरमपंथी संगठनों से जुड़े हुए थे आतंकी!

पुलिस सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि वे ऑनलाइन चरमपंथी तंत्रों में शामिल थे, जिनमें "मिशन खिलाफत" और "सोल्जर्स ऑफ़ प्रॉफेट" जैसे समूह शामिल हैं. ये समूह भर्ती, वैचारिक प्रशिक्षण और अभियान संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं.

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पूरे मॉड्यूल को खंगाल रहीं सुरक्षा एजेंसियां!

सुरक्षा एजेंसियां ​​अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या ये दोनों स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे, या किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा थे जिसके हैंडलर (संचालक) विदेश में बैठे थे. डिजिटल फोरेंसिक टीमें जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एन्क्रिप्टेड चैट और वित्तीय लेन-देन के सुरागों की जांच कर रही हैं, ताकि संभावित फंडिंग चैनलों और लॉजिस्टिक सहायता नेटवर्क की पहचान की जा सके.

आतंकी हमले का बदल गया तरीका!

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अधिकारियों ने कहा कि विस्फोटक पहुंचाने के माध्यम के रूप में खिलौना कार का इस्तेमाल इस बात की ओर इशारा करता है कि आतंकवादी तरीकों में बदलाव आ रहा है. इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले शहरी वातावरण में सुरक्षा जांच से बचने के लिए रोज़मर्रा की वस्तुओं का दुरुपयोग करना है. 

सूत्रों के मुताबिक अगर यह कथित साज़िश सफल हो जाती, तो यह दिल्ली के उन इलाकों को निशाना बना सकती थी जहाँ लोगों की भारी आवाजाही होती है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती थीं.

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लोन वुल्फ अटैक पर प्रहार कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां!

ये गिरफ्तारियां ऐसे समय में हुई हैं जब केंद्रीय और राज्य एजेंसियां ​​संभावित "लोन-वुल्फ" (अकेले हमला करने वाले) हमलों और डिजिटल रूप से समन्वित आतंकवादी गतिविधियों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरत रही हैं. हाल के महीनों में मिली खुफिया जानकारियों ने इस बात की ओर इशारा किया है कि चरमपंथी संगठन ऑनलाइन दुष्प्रचार और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

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साज़िश के पूरे दायरे का पता लगाने, अतिरिक्त गुर्गों की पहचान करने और यह निर्धारित करने के लिए कि क्या अन्य शहरों में भी इसी तरह की साज़िशें रची जा रही थीं, आगे की जांच जारी है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, अधिकारियों ने और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है.

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