×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मनी लॉन्ड्रिंग केस: 5 हज़ार करोड़ के हवाला घोटाले में ED की कार्रवाई, मोहाली के बिल्डर राजदीप शर्मा को किया गया गिरफ्तार

राजदीप शर्मा ने नकद लेन-देन और तुषार डांग द्वारा सामान की कम कीमत दिखाने की जानकारी होने की बात स्वीकार की. इस नकदी को आरोपियों द्वारा संचालित विभिन्न बैंक खातों के जरिए लेयर किया गया और फिर अवैध रूप से विदेश भेजकर चीनी निर्यातकों को भुगतान किया गया. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है.

Author
23 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:41 AM )
मनी लॉन्ड्रिंग केस: 5 हज़ार करोड़ के हवाला घोटाले में ED की कार्रवाई, मोहाली के बिल्डर राजदीप शर्मा को किया गया गिरफ्तार
Advertisement

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोहाली के एक बिल्डर राजदीप शर्मा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत गिरफ्तार किया है. ईडी ने यह कार्रवाई बिरफा आईटी मामले में की है.

ED ने मोहाली के बिल्डर राजदीप शर्मा को किया गिरफ्तार

ईडी के अनुसार, बिरफा आईटी मामले में पहले ही पांच अन्य आरोपियों (मणिदीप मागो, संजय सेठी, मयंक डांग, तुषार डांग और जसप्रीत सिंह बग्गा) को गिरफ्तार किया जा चुका है. राजदीप शर्मा को द्वारका की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 28 अगस्त तक 7 दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया गया है.

4817 करोड़ का है घोटाला

Advertisement

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि यह मामला 4,817 करोड़ रुपए के अवैध विदेशी धन प्रेषण से जुड़ा है, जो नकली और झूठे बिलों के जरिए किया गया था. ये पैसे चीन और हांगकांग से कम कीमत पर मंगाए गए सामान के बदले में फर्जी भुगतान के तौर पर भेजे गए थे.

राजदीप शर्मा की भूमिका

ईडी की जांच में सामने आया कि तुषार डांग और मयंक डांग नाम के दो भाइयों ने एक सुनियोजित सिंडिकेट बनाया था, जिसमें कई भारतीय आयातक और व्यापारी, नकद पैसे संभालने वाले लोग, अंतरराष्ट्रीय हवाला एजेंट, स्थानीय कंपनियां, चीन के कई सप्लायर और निर्माता तथा चीन के कई बड़े शहरों में गोदामों की चेन शामिल थी.

जांच से पता चला कि डांग बंधुओं द्वारा आयातित सामान की कीमत को काफी कम दर्शाया गया था और मुआवजा भुगतान मणिदीप मागो और संजय सेठी के माध्यम से विदेश भेजा गया. मागो और संजय सेठी ने क्रिप्टो माइनिंग, एजुकेशन सॉफ्टवेयर और बेयर मेटल सर्वर के किराए के नाम पर फर्जी बिल बनाकर ये पैसे भेजे, लेकिन जांच में पता चला कि ऐसी कोई सेवा दी ही नहीं गई. ये पैसे मणिदीप मागो और उसके साथियों द्वारा नियंत्रित विदेशी कंपनियों को भेजे गए, जहां से इन्हें चीन की उन कंपनियों को भुगतान किया गया जो भारत में विभिन्न उत्पादों का निर्यात करती हैं.

ईडी की जांच में पता चला कि आरोपी राजदीप शर्मा का तुषार डांग के साथ हवाला के जरिए नियमित रूप से नकद लेन-देन होता था. यह नकद लेन-देन तुषार डांग के माध्यम से राजदीप शर्मा द्वारा आयातित सामान के लिए था.

Advertisement

यह भी पढ़ें

राजदीप शर्मा ने नकद लेन-देन और तुषार डांग द्वारा सामान की कम कीमत दिखाने की जानकारी होने की बात स्वीकार की. इस नकदी को आरोपियों द्वारा संचालित विभिन्न बैंक खातों के जरिए लेयर किया गया और फिर अवैध रूप से विदेश भेजकर चीनी निर्यातकों को भुगतान किया गया. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें