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नक्शा पास हुआ सस्ता, योगी सरकार ने घटाई फीस, UP में ₹1 में बनेगा 1000 sq ft तक मकान-दुकान
UP: इन फैसलों से साफ है कि योगी सरकार का जोर आम आदमी की सुविधा, भ्रष्टाचार खत्म करने और तेज विकास पर है. अब घर या दुकान बनाना न सिर्फ आसान हुआ है, बल्कि कम खर्च, कम झंझट और ज्यादा भरोसे के साथ संभव हो गया है.
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Map: योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत देते हुए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को बेहद सरल और सस्ती बना दिया है. यह बदलाव उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 के तहत किए गए हैं. सरकार का साफ उद्देश्य है कि आम आदमी को घर या दुकान बनाते समय दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, अनावश्यक खर्च न हो, भ्रष्टाचार रुके और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़े...
छोटे प्लॉट वालों को सबसे बड़ी राहत
सबसे बड़ा फायदा छोटे प्लॉट पर निर्माण करने वालों को मिला है. अब
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100 वर्ग मीटर तक के आवासीय प्लॉट पर घर बनाने के लिए
और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट (जैसे छोटी दुकान) के लिए नक्शा पास कराने की कोई जरूरत नहीं है.
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मतलब यह कि अब ऐसे लोग बिना किसी अनुमति के सीधे निर्माण शुरू कर सकते हैं. यह नियम सितंबर 2025 से लागू हो चुका है. इससे लाखों लोगों को विकास प्राधिकरणों के चक्कर लगाने, फाइल अटकने और रिश्वत जैसी परेशानियों से मुक्ति मिल गई है.
नक्शा पास की फीस सिर्फ 1 रुपया
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जहां नक्शा पास कराना जरूरी है, वहां भी सरकार ने फीस लगभग खत्म कर दी है.अब....
100 वर्ग मीटर तक के घर
और 30 वर्ग मीटर तक की दुकान/कमर्शियल भवन
के लिए परमिट फीस सिर्फ ₹1 रखी गई है.
पहले यही फीस सैकड़ों या हजारों रुपये तक होती थी. अब यह फैसला आम लोगों की जेब पर बड़ा बोझ हल्का करेगा.
ऑनलाइन नक्शा पास सिस्टम: FASTPAS
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- योगी सरकार ने FASTPAS (Fast and Simplified Trust-Based Plan Approval System) नाम का नया ऑनलाइन सिस्टम भी शुरू किया है, जो 2026 की शुरुआत से लागू हो गया है.
- अब लोगों को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं, वे map.up.gov.in पोर्टल पर जाकर घर बैठे अपना नक्शा अपलोड कर सकते हैं.
- यह एक ट्रस्ट-बेस्ड सिस्टम है, यानी सरकार आवेदक पर भरोसा करती है कि दी गई जानकारी सही है.
- छोटे प्लॉट्स के मामलों में नक्शा कुछ ही मिनटों में खुद-ब-खुद स्वीकृत (Self-Approved) हो जाता है. अगर कोई गलत जानकारी दी जाती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है.
रजिस्ट्रेशन फीस भी मात्र ₹1
- नए सिस्टम में रजिस्ट्रेशन फीस भी सिर्फ ₹1 रखी गई है.
- बाकी सभी शुल्क पोर्टल पर अपने-आप कैलकुलेट होकर दिख जाते हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है.
- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है.
उद्योग लगाने वालों को भी राहत
- सरकार ने सिर्फ घर बनाने वालों ही नहीं, बल्कि उद्योग लगाने वालों को भी राहत दी है.
- नक्शा पास से जुड़े बाह्य विकास शुल्क (External Development Charges) को कम किया गया है, खासकर नगर निकाय सीमा से बाहर.
- इससे छोटे-बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश बढ़ेगा.
- हालांकि कुछ बड़े शहरों में शुल्क बढ़ाया गया है, लेकिन सरकार का मुख्य फोकस छोटे निर्माण और उद्योगों को बढ़ावा देना है.
आम आदमी को फायदा, सिस्टम में पारदर्शिता
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इन फैसलों से साफ है कि योगी सरकार का जोर आम आदमी की सुविधा, भ्रष्टाचार खत्म करने और तेज विकास पर है. अब घर या दुकान बनाना न सिर्फ आसान हुआ है, बल्कि कम खर्च, कम झंझट और ज्यादा भरोसे के साथ संभव हो गया है.