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CJP आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा कदम... सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा, अब बातचीत पर आई बड़ी अपडेट
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जारी CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम आगे बढ़ाया है. सूत्रों के अनुसार, सरकार CJP नेताओं से मुलाकात करने के लिए बिल्कुल तैयार है.
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दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ CJP की ओर से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अब हालात एक नए मोड़ पर पहुंचते दिख रहे हैं. लगातार जारी प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है. इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या अब प्रदर्शन और सरकार के बीच गतिरोध खत्म होने की दिशा में कोई ठोस पहल हो सकती है.
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
ABP न्यूज़ की वेबसाइट पर सरकारी सूत्रों के अनुसार छपी खबर के अनुसार, जेपी नड्डा ने कहा कि CJP के प्रतिनिधि जब भी बातचीत के लिए समय तय करेंगे, सरकार उनसे मिलने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी मुद्दे से पीछे नहीं हटेगी और सभी पहलुओं पर खुलकर चर्चा करने को तैयार है. उनका कहना है कि बातचीत लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसी रास्ते से समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. उम्मीद है कि सरकार जल्द कामयाबी हासिल कर लेगी.
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बातचीत पर CJP की क्या शर्तें हैं?
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वहीं दूसरी ओर, CJP ने भी सरकार के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है. संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को कहा कि CJP बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए कुछ स्पष्ट शर्तें होंगी. उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी केंद्रीय मंत्री या नेता के घर अथवा कार्यालय में जाकर बैठक नहीं करेगा. यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर पहुंचें या फिर किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित की जाए. उन्होंने कांस्टीट्यूशन क्लब जैसी सार्वजनिक जगह का सुझाव भी दिया.
सरकार के दावे पर CJP का जवाब
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सौरव दास ने यह भी दावा किया कि पहले सरकार की ओर से यह कहा जा रहा था कि CJP बातचीत नहीं करना चाहता, लेकिन अब खुद सरकार ने बातचीत के लिए इच्छा जताई है. उनके मुताबिक, इससे साफ है कि संवाद का रास्ता अब खुल चुका है. उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष गंभीरता से आगे बढ़ते हैं तो बातचीत शुरू होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
दिल्ली पुलिस भी लगातार संपर्क में
इस बीच सौरव दास ने बताया कि बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी CJP नेताओं से संपर्क किया था. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकार बातचीत चाहती है, लेकिन संगठन ने दोहराया कि किसी नेता के निजी आवास पर बैठक स्वीकार नहीं होगी. उनका कहना है कि सरकार को आंदोलन शुरू होने के पहले दिन ही बातचीत की पहल करनी चाहिए थी. इसके बावजूद संगठन अब भी संवाद के पक्ष में है, क्योंकि किसी भी लोकतांत्रिक विवाद का स्थायी समाधान बातचीत से ही निकल सकता है.
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बताते चलें कि दिल्ली में CJP का प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत कब शुरू होती है. यदि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों के बीच सहमति का रास्ता निकाल लेते हैं, तो लंबे समय से जारी यह विवाद बातचीत के जरिए सुलझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.