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बड़ी कार्रवाई : ईडी को मिले 250 फर्जी भारतीय पासपोर्ट, अब 7 पाकिस्तानी संदिग्धों की तलाश में जुटी एजेंसी

ईडी (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई के दौरान 250 भारतीय पासपोर्ट बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि इन पासपोर्टों का इस्तेमाल 7 पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा फर्जी पहचान के लिए किया गया था. एजेंसी अब इन संदिग्धों की तलाश में जुटी है. यह पूरा नेटवर्क पश्चिम बंगाल से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें 250 से अधिक भारतीय पासपोर्टों का दुरुपयोग सामने आया है. इनमें से सात पासपोर्ट पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए ED ने जांच तेज कर दी है. यह रैकेट कोलकाता और नादिया जिले के चाकदहा से संचालित था, जिसमें हवाला नेटवर्क और फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलाने की साजिश थी.

मुख्य आरोपी इंदु भूषण हल्दर और आजाद मुल्लिक इस अवैध नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं. यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गया है.

रैकेट का भंडाफोड़

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पुलिस से ED की जांच तकपश्चिम बंगाल पुलिस ने 2024 में नादिया जिले में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद इस रैकेट का पर्दाफाश किया. जांच में पता चला कि इंदु भूषण हल्दर ने फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेजों के जरिए 250 से अधिक भारतीय पासपोर्ट बनवाए. इन पासपोर्टों का इस्तेमाल बांग्लादेशी और कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए किया गया. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेनदेन के एंगल से जांच शुरू की. हल्दर को चाकदहा से गिरफ्तार किया गया और वह वर्तमान में हिरासत में है.

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सात पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश

ED की जांच में सात पाकिस्तानी नागरिकों के नाम सामने आए, जिन्होंने फर्जी बांग्लादेशी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए. इनका कनेक्शन आजाद मुल्लिक से है, जो पाकिस्तानी मूल का है और फर्जी बांग्लादेशी पहचान बनाकर भारत में सक्रिय था. मुल्लिक ने हल्दर के साथ मिलकर यह रैकेट चलाया, जिसमें विदेशी नागरिकों से भारी रकम वसूली जाती थी. मुल्लिक को अप्रैल 2025 में गिरफ्तार किया गया. ED अब इन सात संदिग्धों की लोकेशन ट्रैक करने के लिए इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग ले रही है.

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हवाला नेटवर्क और आतंकी कनेक्शन की आशंका

ED ने इस रैकेट से जुड़े 2.6 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का खुलासा किया है. कोलकाता में मुल्लिक के किराए के मकान से यह ऑपरेशन चल रहा था. जांच में आतंकी संगठनों से संभावित संबंधों की आशंका जताई गई है. ED ने 20,000 पेज के दस्तावेज, व्हाट्सएप चैट्स और पाकिस्तानी ISD कोड (+92) वाले कॉल लॉग्स बरामद किए हैं. बांग्लादेशी अप्रवासियों को फर्जी भारतीय पहचान दी जाती थी, जिसका इस्तेमाल हवाला और अन्य अवैध गतिविधियों में होता था.

ED की कार्रवाई और सुरक्षा चिंताएं

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ED ने हल्दर और मुल्लिक की गिरफ्तारी के बाद कई ठिकानों पर छापेमारी की. बरामद दस्तावेजों में बैंक खातों और हवाला ऑपरेटरों की जानकारी शामिल है. पासपोर्ट कार्यालयों में कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच हो रही है. यह रैकेट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, क्योंकि फर्जी पासपोर्टों का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए हो सकता है. ED ने गृह मंत्रालय को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. 

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