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आखिर लव जिहाद की खुली पोल! मोनालिसा निकली नाबालिग, जांच में बड़ा खुलासा, जेल जाएगा फरमान खान?

मोनालिसा भोंसले को लेकर सनसनीख़ेज़ खुलासा हुआ है. जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग यानि NCST की जाँच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबलिग है.

Image Credits: IANS
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महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की फरमान से शादी करने के बाद से ही चर्चा में बनी हुई है. आए दिन उन्हें लेकर कोई ना कोई बड़ा खुलासा हो रहा है. मोनालिसा की शादी का मामला अब एक बड़ा विवाद बन गया है. दरअसल मोनालिसा भोंसले को लेकर सनसनीख़ेज़ खुलासा हुआ है. जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. 

NCST की जांच में मोनालिसा को लेकर हुआ बड़ा खुलासा 

राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग यानि NCST की जाँच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबलिग है. दरअसस आयोग ने मोनालिसा के नाबालिग होने के दावों पर  जाँच की थी, जिसमे ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबालिग है. 

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महेश्वर के सरकारी रिकॉर्ड में नाबालिग मोनालिसा 

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अब मोनालिसा से शादी करने वाले फरमान खान के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है. उनके खिलाए महेश्वर थाने में पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में टीम ने महेश्वरी के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख़ 30 दिसंबर 2009 पाई गई. इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रुप से कम थीं. वो रिकॉर्ड में नाबालिग पाई गईं.

मोनालिसा पारधी जनजाति समुदाय की एक नाबालिक लड़की है

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NCST के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में वकील प्रथम दूबे द्वारा की गई कानूनी पैरवी से साफ़ हुआ है कि जिस मोनालिसा को बालिग़ बताकर विवाह कराया गया था, वो  पारधी जनजाति समुदाय की एक नाबालिग लड़की है. प्रथम दुबे ने इस मामले को आयोग के सामने 17 मार्च 2026 को उठाया था. 

ग़लत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर कराया शादी का रजिस्ट्रेशन 

जाँच में ये भी खुलासा हुआ है कि शादी के समय लड़की की उम्र क़रीब 16 साल 2 महीने थी. जानकारी के मुताबिक़ नगर पालिका से जारी एक ग़लत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गाँव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. जांच दल ने पाया कि ये गलत जन्म प्रमाण पत्र नगरपालिका महेश्वर से जारी किया गया है. जिसके बाज जाँच में महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में पता चला कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5 बजकर 50 मिनट पर हुआ था. अब इस रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है. बता दें कि इस खुलासे के बाद से ही प्रशासन में ही खलबली मच गई है. अब इस मामले की पूरी बारीकीसे जाँच की जा रही है. 

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क्या है मामले का राजनीतिक कनेक्शन

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, इस मामले में एक और बड़ा खुलासा है, जिसमें पता चला है कि कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन की आशंका जताई गई है. वहीं आयोग के सामने केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वकील प्रथम दुबे ने आयोग को बताया है कि इस शादी में केरल के CPI-M नेताओं और PFI जैसे संगठनों की गीतिविधी एक गंभीर चिंता का विषय है. इस मामले को लेकर ये भी जानकारी सामने आई है कि इस पूरे मामले के पीछे बड़ा नेटवर्क और एजेंडा हो सकता है. शिकायत में बताया गया है कि ये शादी केवल एक निजी मामला नहीं है, बल्कि लव जिहाद के अस्तित्व को झूठा साबित करने के लिए इंटरटेशनल लेवल पर एक फॉल्स नैरेटिव सेट की रणनीतिक कोशिश थी. 

शादी के पक्षकारों की साजिश को किया गया बेनकाब 

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जन्म प्रमाण पत्र के इस दस्तावेजी प्रमाण ने शादी के पक्षकारों  की साजिश को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया. मोनालिसा के माता-पिता द्वारा उनके रक्त संबंधियों के जाति प्रमाण पत्र भी आयोग को उपलब्ध कराए गए जिससे ये बात भी साबित हो गई की मोनालिसा के माता-पिता अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्य है.

मध्यप्रदेश पुलिस के शिकंजे में आए फरमान

इस खुलासे के बाद फरमान पर मध्यप्रदेश सरकार ने शिकंजा कस दिया है. आरपी फरमान के खिलाए महेश्वर थाने में पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है. फरमान के ख़िलाफ़ पुलिस ने कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच भी शुरु कर दी है.क्या फरमान को गिरफ़्तार किया जा सकता है. 

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आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को किया दिल्ली तलब 

वहीं इस मामले को गंभीर से लेते हुए  राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी दिल्ली तलब किया है और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का कनेक्शन तो नहीं है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ित आदिवासी लड़की को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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