×
जिस पर देशकरता है भरोसा

खिलाफत राज, गजवा-ए-हिंद की सोच, निशाने पर संसद भवन-राम मंदिर...बिहार, ओडिशा और महराष्ट्र से चार कट्टरपंथी दबोचे गए

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में तीन राज्यों से चार कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया है जो ना सिर्फ देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल थे बल्कि इनके निशाने पर संसद भवन और राम मंदिर था.

Author
19 Apr 2026
( Updated: 19 Apr 2026
09:14 AM )
खिलाफत राज, गजवा-ए-हिंद की सोच, निशाने पर संसद भवन-राम मंदिर...बिहार, ओडिशा और महराष्ट्र से चार कट्टरपंथी दबोचे गए
Delhi Police/ Image: IANS
Advertisement

देश में इन दिनों कट्टरपंथ और आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रहार जारी है. इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. स्पेशल सेल ने खुफिया सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार संदिग्ध कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि ये लोग ना सिर्फ खिलाफत राज और गजवा-ए-हिंद के नाम पर आतंकी साजिशों में शामिल थे. इतना ही नहीं ये लोग राम मंदिर, संसद भवन और सहित कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश में लगे थे.

भारत में खिलाफत राज स्थापित करने का था ख्वाब

जांच एजेंसियों के अनुसार, ये युवक ऐसी विचारधारा से प्रभावित थे जिसमें खुरासान क्षेत्र से काले झंडे वाली एक सेना के उभरने और भारतीय उपमहाद्वीप सहित अन्य क्षेत्रों में खिलाफत स्थापित करने की बात कही जाती है. इसी सोच के चलते वे न केवल खुद को ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए तैयार कर रहे थे, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए अन्य लोगों को भी इसके लिए उकसा रहे थे.

तीन राज्यों से 4 कट्टरपंथी गिरफ्तार

Advertisement

यह कार्रवाई इंस्पेक्टर विनय पाल और मनोज कुमार के नेतृत्व में एनडीआर, स्पेशल सेल की टीम ने की, जिसकी निगरानी एसीपी आशीष कुमार कर रहे थे. टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है. तलाशी के दौरान एक आरोपी के पास से आईईडी बनाने का सामान भी बरामद हुआ है और सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, ताकि उनके नेटवर्क और गतिविधियों की जांच की जा सके.

गिरफ्तार आतंकियों की हुई पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ठाणे के मोसैब अहमद, मुंबई के मोहम्मद हम्माद, भुवनेश्वर के शेख इमरान और बिहार के कटिहार के मोहम्मद सोहेल के रूप में हुई है. जांच में सामने आया है कि ये सभी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बने बंद समूहों से जुड़े हुए थे, जहां वे जिहाद के जरिए इस्लामिक राज्य स्थापित करने की बातें करते थे और लोगों को इसके लिए प्रेरित करते थे.

IED बनाने की फिराक में थे संदिग्ध आतंकी!

पुलिस के अनुसार, इस समूह के कुछ सदस्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से रिमोट कंट्रोल के जरिए आईईडी बनाने की कोशिश कर रहे थे. आशंका है कि इसका इस्तेमाल भविष्य में किसी हमले के लिए किया जा सकता था. एक आरोपी सोशल मीडिया पर लोगों को हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए उकसा रहा था और इसके लिए ऑनलाइन पैसे जुटाने की भी कोशिश कर रहा था. उसने अपने अकाउंट और क्यूआर कोड की जानकारी साझा कर लोगों से आर्थिक मदद मांगी थी. वहीं, एक अन्य आरोपी ने समूह के सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग दिलाने का वादा किया था और इसके लिए उनसे पैसे भी मांगे थे.

Advertisement

लाल किला और इंडिया गेट की हो चुकी थी रेकी!

जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी दिसंबर 2025 में दिल्ली आया था, जहां उसने लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील स्थानों का दौरा किया. उसने सोशल मीडिया पर लाल किले की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें किले पर काला झंडा दिखाया गया था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को भड़काने के लिए किया गया.

पुलिस गंभीरता से कर रही जांच

Advertisement

यह भी पढ़ें

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें