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केतन हत्याकांड में सिया के भाई से 10 घंटे हुई पूछताछ, बोला- पहले बताती तो शादी रुकवा देते

महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार तेज होती जा रही है. मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पुलिस ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की.

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27 Jun 2026
( Updated: 27 Jun 2026
11:40 AM )
केतन हत्याकांड में सिया के भाई से 10 घंटे हुई पूछताछ, बोला- पहले बताती तो शादी रुकवा देते
Image Credits: IANS
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केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पुलिस ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ के दौरान साहिल ने जांच अधिकारियों से कहा कि अगर सिया ने परिवार को पहले ही बता दिया होता कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार खुद यह रिश्ता तोड़ देता. 

सिया के भाई से 10 घंटे पूछताछ

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साहिल शुक्रवार सुबह पूछताछ के लिए पहुंचा था और देर शाम उसे जाने की अनुमति दी गई. इस दौरान अधिकारियों ने उससे सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते, उनके संपर्क और मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर सवाल पूछे. साहिल ने पुलिस से कहा, "अगर सिया ने कहा होता कि उसे केतन पसंद नहीं है, तो हम शादी रुकवा देते."

लोनावला ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि साहिल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और कई घंटे तक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया.

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पहाड़ से धक्का देकर हत्या का आरोप

पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोनावला के लोहगढ़ किले पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की पहाड़ से धक्का देकर हत्या कर दी. जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों ने यह साजिश इसलिए रची क्योंकि सिया नवंबर में होने वाली शादी नहीं करना चाहती थी.

रियल एस्टेट कारोबारी परिवार से थे केतन

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केतन अग्रवाल अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी सक्सेस ग्रुप में निदेशक और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर था. शुरुआत में उनकी मौत को ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच में इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया गया.

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

यह मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में केतन अग्रवाल के पिता से मुलाकात कर परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया. परिवार की मांग पर महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला किया है और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है.

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सीएम फडणवीस ने इस घटना को बेहद चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि यह केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि समाज को यह सोचने की जरूरत है कि अच्छे परिवारों और शिक्षित युवाओं में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता और बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है.

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