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खालिस्तानी आतंक पर भारत-ब्रिटेन के बीच हो गई डील, इस एक्शन प्लान से लगेगी चरमपंथ पर लगाम!

भारत ने लंदन में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा और राजनयिकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया था. जिसमें दोनों देशों ने खालिस्तानी आतंकवाद और संगठित अपराध पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.

खालिस्तानी आतंक को खत्म करने के लिए भारत और ब्रिटेन साथ आए हैं. भारत और ब्रिटेन ने गृह मामलों की छठी बातचीत में खालिस्तानी चरमपंथियों और भारत विरोधी गतिविधियों पर कड़ी चिंता जताई है. इस वार्ता में खालिस्तानी चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर समझौता भी हुआ है. 
 
दरअसल, भारत ने लंदन में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा और राजनयिकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया था. जिसमें दोनों देशों ने खालिस्तानी आतंकवाद और संगठित अपराध पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. दिल्ली में हुई भारत-ब्रिटेन गृह मामलों के संवाद (6th India UK Home Affairs Dialogue) के दौरान भारत ने ब्रिटेन में भारतीय शख्सियतों और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा में चूक को लेकर भी चिंता जताई. 
 
UK-India के बीच क्या हुई डील? 
 
भारत-ब्रिटेन गृह मामलों के संवाद में भारतीय प्रतिनिधिमंल का नेतृत्व सचिव (सीमा प्रबंधन) डॉ. राजेंद्र कुमार ने किया. जबकि ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के द्वितीय स्थायी सचिव साइमन रिडले ने किया. इस दौरान दोनों ने सहयोग के मौजूदा स्तर पर सहमति जताई. इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने की गति को बनाए रखते हुए द्विपक्षीय जुड़ाव को मजबूत करने पर सहमति हुई. 
 
साझा बयान में बताया गया कि बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने जारी सहयोग का आकलन किया और आतंकवाद और संगठित अपराधों से निपटने में सक्रिय सहयोग पर सहमति जताई. इसमें 
पारस्परिक हितों और तालमेल के अन्य क्षेत्रों की पहचान भी शामिल है. समझौते के तहत खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों और ब्रिटेन में भारत विरोधी समूहों की गतिविधियों, मादक पदार्थों की तस्करी, प्रवासन, आपराधिक न्याय और कानून प्रवर्तन सहयोग, साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर सख्ती से कदम उठाए जाएंगे. 
 

इससे पहले भारत और कनाडा ने खालिस्तान और राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए साझा कार्य योजना बनाने पर सहमति जताई है. यह सहमति शनिवार 7 फरवरी को कनाडा की राजधानी ओटावा में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान बनी. बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और कनाडा की उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नताली ड्रौइन (Natalie Drouin) मौजूद रहीं. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और कनाडा के संबंध पिछले कुछ समय से तनाव के दौर से गुजर रहे थे. साल 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद गहराया था. आरोपों और जवाबी बयानों ने रिश्तों में दूरी बढ़ा दी थी. अब इस सुरक्षा संवाद को दोनों देश संबंधों को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश के तौर पर देखा गया. 

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