विपक्ष की मॉक पार्लियामेंट में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग पास, 19 दलों के 215 सांसद शामिल, जानें क्या-क्या हुआ?
मॉक पार्लियामेंट में राहुल गांधी ने कहा, कितनी अजीब बात है कि CEC के महाभियोग पर चर्चा करने के लिए पूरे विपक्ष को बगीचे में बैठना पड़ रहा है.
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कांग्रेस ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर देश और संविधान के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की. इसके लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में मॉक पार्लियामेंट की गई. जिसमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग पास हो गया.
मल्लिकार्जुन खड़गे के घर यह मॉक पार्लियामेंट हुई थी. इसके लिए बकायदा लोकसभा जैसा विशेष मंच तैयार किया गया था और लोकसभा स्पीकर की कुर्सी पर मीरा कुमार बैठीं थीं. जो UPA सरकार में लोकसभा स्पीकर रही हैं.
मॉक पार्लियामेंट में कितने दल हुए शामिल
मॉक पार्लियामेंट में कांग्रेस सहित 19 दलों के 215 सांसद शामिल हुए. इस जन महाभियोग में जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ विरोध जताते हैं. इसमें एक्टिविस्ट और आम लोग भी शामिल हो सकते हैं.
Whoever these people are should realise that this is not just some talk taking place in a garden. This political weapon is going to give justice to the people of India. This is our sacred duty to the Constitution and to the people of India. We are left with no choice but to do this. : LoP Shri @RahulGandhi at the Public Impeachment of CEC Gyanesh Kumar
— Congress (@INCIndia) October 31, 2026
राहुल गांधी ने क्या कहा?
मॉक पार्लियामेंट में राहुल गांधी ने कहा, कितनी अजीब बात है कि CEC (मुख्य चुनाव आयुक्त) के महाभियोग पर चर्चा करने के लिए पूरे विपक्ष को बगीचे में बैठना पड़ रहा है, क्योंकि हमारे लिए बाकी सभी संस्थान बंद हैं.
राहुल गांधी ने फिर दोहराया कि ज्ञानेश कुमार CEC के पद पर नहीं टिक पाएंगे. अगर हमारे खुलासे के बाद भी BJP उन्हें बनाए रखने पर अड़ी रहती है, तो हमें समझ आ जाएगा कि उनका क्या खेल है.
विपक्षी नेताओं ने क्या-क्या कहा?
कार्यवाही की शुरुआत मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए छह प्रमुख आरोपों को पढ़कर की और एक प्रस्ताव पेश किया. प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त पर छह आरोप लगाए गए. इनमें,
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- चुनावों में हेरफेर की साजिश
- 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने
- संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करने
- ईसीआईनेट के माध्यम से मतदाता सूची पर नियंत्रण करने
- अन्य दो चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने
विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर युवाओं को भड़काने के आरोपों को भी खारिज किया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर संविधान लागू होने के समय से वयस्क मताधिकार का विरोध करने का आरोप लगाया. खड़गे ने कहा, ‘हम लोकतंत्र की उस बुनियाद को बचाना चाहते हैं, जिस पर BJP की ओर से खतरा पैदा किया जा रहा है.’ उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाए और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए.