'रेड करवा दूंगा, हिम्मत मत करना', जब सुनंदा पुष्कर का जिक्र करने पर भड़के थरूर, किसने खोला 16 साल पुराना ‘राज’?
ललित मोदी ने ANI को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि 2010 के IPL के कोच्चि टस्कर्स घोटाले में कांग्रेस की पूरी मशीनरी तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के बचाव में उतर आई थी.
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने पूर्व UPA सरकार को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है. ललित मोदी ने साल 2010 में IPL की फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स से जुड़े एक विवाद के बारे में बताते हुए सोनिया गांधी से लेकर उस वक्त के केंद्रीय मंत्रियों तक को कटघरे में खड़ा कर दिया.
ललित मोदी ने ANI को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि 2010 के IPL के कोच्चि टस्कर्स घोटाले में कांग्रेस की पूरी मशीनरी तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के बचाव में उतर आई थी. उस समय केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी और शशि थरूर केंद्र में मंत्री थे.
ललित मोदी ने थरूर और सोनिया गांधी पर क्या आरोप लगाए?
'इस पर सस्पेंस तब और ज्यादा बढ़ गया, जब 'सुनंदा पुष्कर' नाम की एक अज्ञात महिला को बिना किसी इन्वेस्टमेंट के 25 फीसदी मुफ्त में इक्विटी दी जा रही थी.’ललित मोदी ने कहा कि जब उन्होंने शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े कथित धोखाधड़ी वाले इक्विटी ढांचे को लेकर कोच्चि कंसोर्टियम के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो तत्कालीन सत्तारूढ़ UPA सरकार से धमकी मिली.
ललित मोदी ने दावा किया कि सोनिया गांधी ने शशि थरूर को बचाया था. उन्होंने कहा, ‘हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा गया था. मुझे अहमद पटेल के फोन आते थे. उन दिनों प्रणब मुखर्जी के फोन आते थे. मैं उन सभी के साथ दोस्ताना था.’ फिर ललित मोदी ने राजीव शुक्ला का जिक्र करते हुए कहा, वे मेरे पास आकर मुझे यह करने, वह करने के लिए कहते थे.'
#WATCH | On the 2010 IPL Kochi scandal, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "Sonia Gandhi was backing Shashi Tharoor. I got calls from Ahmed Patel and Pranab Mukherjee in those days. You had that p@** Rajeev Shukla coming up to me and say 'Chalo Ahmed Patel aa raha… pic.twitter.com/eYX8zIXu4h
— ANI (@ANI) June 4, 2026
क्या था विवाद?
ललित मोदी का कहना है कि ये पूरा विवाद कोच्चि कंसोर्टियम के गलत वित्तीय मॉडल पर सवाल उठाने के बाद शुरू हुआ. ललित मोदी ने कहा, उन्होंने कोच्चि टस्कर्स के कथित गलत वित्तीय मॉडल को मानने से इंकार कर दिया था.
ग्रुप ने ने 350 मिलियन डॉलर की भारी बोली लगाई और फ्रेंचाइजी हासिल कर ली, लेकिन उनके फाइनेंशियल मॉडल संदेहजनक था. उन्होंने कहा,
'इस पर सस्पेंस तब और ज्यादा बढ़ गया, जब 'सुनंदा पुष्कर' नाम की एक अज्ञात महिला को बिना किसी इन्वेस्टमेंट के 25 फीसदी मुफ्त में इक्विटी दी जा रही थी.’
ललित मोदी के मुताबिक उन्होंने इस 'शैडो शेयर होल्डर' की पहचान को लेकर सवाल उठाए थे. इसके साथ ही फ्रेंचाइजी के एग्रीमेंट पर भी साइन करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का उनके पास कॉल आया था. बतौर ललित मोदी, थरूर ने उसने कॉल पर कहा था,
'ललित सुनंदा के बारे में मत पूछो, वह मेरी अच्छी दोस्त हैं. अगर तुमने ज्यादा सवाल किए, तो मैं सुबह तुम्हारे यहां रेड डलवा दूंगा.'
ललित मोदी ने कहा, मैंने थरूर को जवाब दिया कि आप विदेश मंत्री हो सकते हैं, लेकिन मुझे इस तरह धमका नहीं सकते. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने साइन भी नहीं किए, लेकिन बाद में तत्कालीन BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर का फोन आया और उनसे समझौते पर हस्ताक्षर करने को कहा गया.
सोनिया गांधी को लेकर क्या दावा किया?
ललित मोदी ने कहा, ‘सोनिया गांधी शशि थरूर का समर्थन कर रही थीं. उन दिनों मुझे अहमद पटेल और प्रणब मुखर्जी के फ़ोन आए थे. मुझे पता था कि यह सब ढह जाएगा, फिर दो साल बाद यह ढह गया.
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ललित मोदी के UPA सरकार और शशि थरूर पर इन आरोपों के बाद सनसनी मच गई. हालांकि इन दावों में कितनी सच्चाई है इस पर मामले के सभी पक्षकारों का पक्ष आना बाकी है. वहीं, शशि थरूर ने भी इस पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है.