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'खामोश हूँ, हारा नहीं हूँ...', राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का बड़ा बयान, संजय सिंह ने दी प्रतिक्रिया
राघव चड्ढा ने डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर कहा कि उन्होंने हमेशा संसद में जनता के मुद्दे उठाए, लेकिन अब उन्हें बोलने से रोकने की बात कही जा रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या आम आदमी की आवाज उठाना अपराध है.
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आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि वह हमेशा संसद में आम जनता की आवाज बनकर पहुंचे और ऐसे मुद्दे उठाए, जिनका सीधा संबंध देश के आम लोगों से है.
क्या जनता की बात उठाना अपराध है?
राघव चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का अवसर मिला, उन्होंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या जनता की आवाज उठाना कोई अपराध है. क्या उन्होंने कोई गलती की है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से उन्हें संसद में बोलने से रोकने की मांग की है. यह दावा सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
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संजय सिंह ने दी प्रतिक्रिया
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राघव चड्ढा के राज्यसभा के डिप्टी मेयर पद से हटाए जाने के बाद पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि जो भी बताना था वो राज्यसभा सचिवालय बता दिया है. राज्यसभा सचिवालय को पार्टी का जो फैसला था उससे अवगत करा दिया गया है. इससे पहले भी संजय सिंह ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. उन्होंने बताया कि अगर राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ेंगे, तो सबसे पहले वो उनके खिलाफ नजर आएंगे. उस समय संजय सिंह ने यह भी कहा था कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी में हैं और उन्हें किसी भी तरह से बोलने से नहीं रोका गया.
संसद में उठाए गए मुद्दों का जिक्र
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वहीं अपने वीडियो में राघव चड्ढा ने अपने काम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कई ऐसे मुद्दे संसद में उठाए, जो आमतौर पर नजरअंदाज हो जाते हैं. इनमें एयरपोर्ट पर महंगे खाने से लेकर डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं, खाने में मिलावट, टोल प्लाजा पर अतिरिक्त बैंक चार्ज, मिडिल क्लास पर टैक्स का दबाव और टेलीकॉम कंपनियों के रिचार्ज से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. उनका कहना है कि इन मुद्दों को उठाने से आम लोगों को सीधा फायदा हुआ है.
मेरी आवाज क्यों दबाई जा रही है?
राघव चड्ढा ने कहा कि जब वह जनता के हित में लगातार आवाज उठाते हैं, तो फिर उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश क्यों की जा रही है. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि कोई उनकी आवाज क्यों दबाना चाहेगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जनता का उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
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समर्थकों से किया भावनात्मक अपील
अपने संदेश में उन्होंने जनता का आभार जताया और कहा कि लोग उन्हें लगातार समर्थन देते रहे हैं. उन्होंने अपील की कि लोग उनका साथ बनाए रखें और उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देते रहें. उनका कहना था कि वह हमेशा जनता के साथ हैं और उनके मुद्दों के लिए लड़ते रहेंगे.
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बता दें अपने वीडियो के अंत में राघव चड्ढा ने एक मजबूत संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि उनकी खामोशी को उनकी हार न समझा जाए. उन्होंने खुद को एक ऐसी नदी बताया, जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है. इस बयान को उनके राजनीतिक भविष्य और आगे की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.