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हिजाब की परमिशन, भगवा शॉल से ऐतराज… कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने उठाए सवाल, कहा- BJP कर रही छात्रों को गुमराह
दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीते दिनों स्कूलों में भगवा शॉल पहनने को पूरी तरह प्रतिबंधित बताया था. जबकि हिजाब, तिलक, कड़ा समेत कई धार्मिक प्रतिबंधों की इजाजत दी गई थी.
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कर्नाटक में हाल ही में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब, पगड़ी, कड़ा, तिलक, भस्म, पवित्र क्रॉस और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों की इजाजत दी गई थी. इसके बाद अब मामला भगवा शॉल पर गर्मा गया है.
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने स्कूलों में छात्रों के भगवा शॉल पहनने को लेकर बड़ी टिप्पणी की है. मधु बंगारप्पा ने BJP पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया.
'छात्रों को गुमराह कर रही BJP'
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मधु बंगारप्पा ने यह टिप्पणी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के बाद की, जहां 1 जून को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) के शुभारंभ कार्यक्रम की योजना बनाई गई है. मंत्री ने BJP पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए स्कूलों में कथित ‘भगवा शॉल अभियान’ सहित विभिन्न मुद्दों पर उसकी भूमिका की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और विपक्ष छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है.
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दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीते दिनों स्कूलों में भगवा शॉल पहनने को पूरी तरह प्रतिबंधित बताया था. उन्होंने कहा था कि राज्य के शिक्षण संस्थानों में छात्रों को भगवा शॉल पहनने की अनुमति नहीं होगी, यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस सरकार ने पूर्ववर्ती BJP सरकार के 2022 के हिजाब बैन वाले विवादित आदेश को रद्द कर दिया था. सरकार के नए आदेश के मुताबिक, अब छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म के साथ सीमित पारंपरिक और धार्मिक परिधान पहनकर स्कूल और कॉलेज आ सकेंगे, लेकिन भगवा शॉल पहनने से पूरी तरह मनाही है.
शिक्षा मंत्री ने नीट पेपर लीक पर उठाए सवाल
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शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने ‘भगवा शॉल अभियान’ अभियान को BJP का हथियार करार दिया. जिसके जरिए वह छात्रों को गुमराह कर रही है.
उन्होंने नीट पेपर लीक का भी जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 25 लाख छात्र इससे प्रभावित हुए और दावा किया कि इस मुद्दे से पांच छात्रों की मौत की बात भी सामने आई है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए और इस मामले पर उनकी प्रतिक्रिया की आलोचना की.
उन्होंने कहा कि BJP छात्रों को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों की अनदेखी कर रही है और इसके बजाय सांप्रदायिक विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे उन्होंने गैर-जिम्मेदार राजनीति बताया. मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और सभी समुदायों के छात्रों की सुरक्षा करना है.
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एक जून को शिवमोगा में होगा भव्य कार्यक्रम
मधु बंगारप्पा ने बताया कि शिवमोगा शहर 1 जून को केपीएस के शुभारंभ के लिए एक बड़े कार्यक्रम की मेजबानी करेगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया करेंगे. विभिन्न स्कूलों के छात्रों को बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक लाया जाएगा और निजी स्कूलों के छात्रों से भी कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया गया है.
उन्होंने कहा कि केवल शिवमोग्गा जिले में 19 केपीएस स्कूल शुरू किए जा रहे हैं, जिन पर प्रति स्कूल लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत आएगी. उन्होंने बताया कि सभी केपीएस स्कूल जून और जुलाई के बीच शुरू किए जाएंगे.
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उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के तहत लगभग 1,000 स्कूलों के शिलान्यास समारोह आयोजित किए जाएंगे और दावा किया कि सरकार ने इस वर्ष 66 प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल किए हैं, जबकि पहले यह 62 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि विभाग में काफी सुधार हुआ है और सरकारी स्कूलों में कई सुधार लागू किए गए हैं.