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कभी कांग्रेसी रहे गौराव वल्लभ ने खोल दी कांग्रेस नेतृत्व की पोल, जानिए क्या है पूरा मामला ?

कभी कांग्रेस की तरफ़ से बीजेपी नेताओं को मुंहतोड़ जवाब देने वाले गौरव वल्लभ जब से बीजेपी में शामिल हुए है तब से कांग्रेस पार्टी पर ऐसे ज़ुबानी हमला बोलते है कि पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो जाता है। अब गौरव वल्लभ ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक, कांग्रेस नेता विजय जगताप के चुनाव आयोग को "कुत्ता" कहने और उत्तर प्रदेश के संभल में भड़की हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया दी।

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महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा के चुनाव भले ही ही सम्पन्न हो चुके है। महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति वही झारखंड में विपक्षी गठबंधन की सरकार बन गई है लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी का सिलसिला फ़िलहाल थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। इसी कड़ी में कभी कांग्रेस की तरफ़ से बीजेपी नेताओं को मुंहतोड़ जवाब देने वाले गौरव वल्लभ जब से बीजेपी में शामिल हुए है तब से कांग्रेस पार्टी पर ऐसे ज़ुबानी हमला बोलते है कि पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो जाता है। अब गौरव वल्लभ ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक, कांग्रेस नेता विजय जगताप के चुनाव आयोग को "कुत्ता" कहने और उत्तर प्रदेश के संभल में भड़की हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया दी। 


कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की मीटिंग के बाद लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक्शन लेने को कहा। इस पर गौरव वल्लभ ने कहा, "एक तरफ़ तो कांग्रेस कह रही है कि ईवीएम में गड़बड़ी है और कल सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में मान रहे थे कि देश के लोग उनको वोट नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस पहले यह बता दें कि ईवीएम ठीक है कि नहीं? अगर ठीक नहीं है, तो वायनाड में वो खराब क्यों नहीं हुई? ईवीएम रांची में ठीक है, पर मुंबई में खराब है। ऐसे में ईवीएम में नहीं, कांग्रेस के नेतृत्व और नीतियों में खराबी है। देश के विकास में रुकावट पैदा करने वालों की प्रवक्ता की तरह आज पार्टी व्यवहार कर रही है। यह देश के विरोधियों की ब्रांड एंबेसडर बन चुकी है।"

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने चुनाव आयोग को "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुत्ता" बताया है। इस पर भाजपा नेता ने कहा कि एक तरफ तो कांग्रेस के बालक बुद्धि नेता अपने हाथ में संविधान की किताब रखते हैं। उस किताब में भारत के निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में लिखा गया। वहीं, दूसरी तरफ उन्हीं के नेता चुनाव आयोग के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी को संविधान में विश्वास नहीं है, अगर विश्वास होता तो ऐसा व्यक्ति जो चुनाव आयोग के लिए आज "कुत्ता" शब्द का प्रयोग कर रहा है, राहुल गांधी अपनी पार्टी से उसे अभी निष्कासित कर देते। राहुल गांधी को संविधान में नहीं बल्कि सिर्फ एक ही चीज में विश्वास है कि भारत के विकास में अवरोध उत्पन्न करो और भारत के विरोध में जो लोग बात करते हैं उनके ब्रांड एंबेसडर की तरह बात करो।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी। इसके बाद समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद को वहां पर जाने से रोका गया। इस पर भाजपा नेता ने कहा, वहां पर जैसा माहौल है, सपा के नेता वहां पर कोई शांति की बात करने तो नहीं गए होंगे। वह आग में घी डालने के लिए गए होंगे। इसलिए प्रशासन ने जिम्मेदारी के तहत उनको रोका। अगर सपा के नेता वहां जाते और बयानबाजी करते तो दोनों पक्षों में लड़ाई होती।
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