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J&K में पुलिस जवान की मौत के बाद बड़ा एक्शन, मिट्टी में मिला 2 लश्कर आतंकियों का घर, 1000 सहूलतकार भी हिरासत में

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में आतंकवादियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या के एक दिन बाद प्रशासन और सुरक्षाबलों ने बड़ा एक्शन लिया है. अनंतनाग में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो एक्टिव आतंकवादियों के घर पर बुलडोजर एक्शन हुआ है. दोनों के घर ध्वस्त कर दिए गए हैं.

Anantnag Buldozer Action/ Image Source: IANS
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J&K के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवान आशिक हुसैन की हत्या के एक दिन बाद लश्कर के दो आतंकियों पर बुलडोजर एक्शन हुआ है. पुलिस ने LeT के सक्रिय आतंकवादी आदिल ठोकर और हारून रशीद गनाई के घर को मिट्टी में मिला दिया है. इससे पहले करीब 1000 OGW यानी कि सहूलतकारों को हिरासत में लिया गया था.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई अनंतनाग शहर में आतंकवादियों द्वारा एक हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के एक दिन बाद की गई. सूत्रों ने आगे बताया कि अनंतनाग के लाल चौक पर हुए आतंकी हमले में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद, अधिकारियों ने बुधवार रात दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में LeT के दो आतंकवादियों - बिजबेहारा के गुरी निवासी आदिल हुसैन ठोकर और हसनपोरा निवासी हारून गनई के घर मिट्टी में मिला दिए. जे एंड के के कॉन्स्टेबल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात थे.

इससे पहले पहलगाम-बैसरन आतंकी हमले के बाद आदिल ठोकर का घर गिराया गया था. उसी जगह पर बने नए घर को भी रात भर चले ऑपरेशन के दौरान गिरा दिया गया. सूत्रों ने बताया कि इसी कार्रवाई के तहत हसनपोरा में हारून गनई का घर भी गिराया गया. यह ऑपरेशन आतंकवादियों और उनके सपोर्ट नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा है.

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आपको बता दें कि हमले के समय आर्म्ड पुलिस की तीसरी बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थे. हेड कॉन्स्टेबल बडगाम ज़िले के बीरवाह इलाके के रहने वाले थे. लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी हमले की निंदा की.

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L-G ने X पर अपनी पोस्ट में कहा कि पुलिसकर्मी की हत्या को बिना सज़ा के नहीं छोड़ा जाएगा और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दिलाई जाएगी. शहीद पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि देने के लिए अनंतनाग में ज़िला पुलिस लाइन्स में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. उनके गृहनगर में सैकड़ों लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए और बड़ी संख्या में लोग शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने आते रहे. 

इस हमले की ज़िम्मेदारी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली. यह संगठन पाकिस्तान स्थित और UN द्वारा घोषित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का ही एक हिस्सा है.

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मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद 2019 में लश्कर-ए-तैयबा और हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी समूहों के कैडरों को मिलाकर बनाए गए TRF ने धर्मनिरपेक्ष छवि पेश करने के लिए गैर-धार्मिक नाम और प्रतीकों का इस्तेमाल किया है, लेकिन इसने धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के स्थानीय लोगों की टारगेटेड हत्याएं की हैं. 

इस ग्रुप की सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी मौजूदगी है, और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से कुछ के तो पाकिस्तान से भी कनेक्शन हैं. हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के बाद, पुलिस ने घाटी के अलग-अलग ज़िलों में आतंकवादी संगठनों के 3,000 से ज़्यादा ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हिरासत में लिया है. इस आतंकी हमले के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

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जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने दहशतगर्दों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है. पहाड़ की तलहटी से लेकर जंगल के अंदर तक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए एक हजार से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर्स' को हिरासत में लिया है. 

ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग कस्बे में बुधवार को आतंकियों ने हमला कर दिया. जिसमें पुलिस का एक जवान शहीद हो गया. ये हमला करीब दोपहर 12:30 बजे लाल चौक इलाके में हुआ. जिसमें आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आशिक हुसैन पर फायरिंग की थी. आतंकियों ने चलती बाइक से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थी.  आपको बता दें कि आशिक हुसैन हमले के वक्त अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात थे.

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