Advertisement

Loading Ad...

हरियाणा में RS चुनाव के बाद क्रॉस‑वोटिंग मामला तेज़, पार्टी ने कड़े कदम उठाए

हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव मेंक्रॉस‑वोटिंग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने रतिया से अपने विधायक जरनैल सिंह को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

Loading Ad...

हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस ने पांचवें विधायक को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह को कांग्रेस की अनुशासन समिति ने नोटिस जारी किया है. इससे पहले हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरीप्रसाद ने क्रॉस वोटिंग करने वाले चार विधायकों रेणु बाला, शैली चौधरी, मोहम्मद इलियाज और मोहम्मद इजराइल के नाम सार्वजनिक किए थे. 

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस‑वोटिंग मामला 

बता दें कि हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट जीती थी. इस चुनाव के दौरान वोट की गोपनीयता के उल्लंघन और क्रॉस-वोटिंग की शिकायत देखने को मिली थी. भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की थी. भाजपा समर्थित इंडिपेंडेंट कैंडिडेट सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा.

Loading Ad...

चुनाव परिणाम: भाजपा और कांग्रेस दोनों को एक‑एक सीट

Loading Ad...

राज्यसभा चुनाव में 88 विधायकों ने मतदान किया था. इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे थे. 90 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के पास 48 सीटें हैं, कांग्रेस के पास 37 सीटें, इंडियन नेशनल लोकदल के पास दो सीटें और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास तीन सीटें हैं.

राजनीतिक हलचल: CEC से शिकायत तक

Loading Ad...

जब वोटों की गिनती पूरी हुई तो दोनों पार्टियों के नेताओं ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा किया. कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि चुनाव की निष्पक्षता में दखल देने की कोशिशें की जा रही हैं. मामले की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से अनुरोध किया था कि नतीजों की घोषणा से पहले वे पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें.

बता दें कि कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने हरियाणा में पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायकों को बधाई दी थी. उन्होंने भरोसा जताया था कि पार्टी को पहले से ही जीत का भरोसा था और उसी विश्वास के साथ चुनाव लड़ा गया.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...