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BRICS पर कांग्रेस में दो फाड़! चिदंबरम ने पूछा- समिट से क्या मिलेगा? शशि थरूर ने दिया जवाब

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के दावे पर कांग्रेस में ही दो फाड़ दिखी. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिदंबरम के उस सवाल का जवाब दिया. जिसमें उन्होंने पूछा था कि BRICS से भारत को क्या मिला?

Image Source- IANS
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BRICS सम्मेलन के लिए जहां दुनिया के दिग्गज नेता भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर विपक्ष इसमें भी सियासत का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नेता पी. चिदंबरम ने BRICS को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा, इस BRICS से भारत को क्या फायदा हुआ.?

पी. चिदंबरम ने आगे कहा, ‘देश में 2012, 2016 और 2021 में भी समिट हो चुके हैं. उन्होंने कहा, 

‘मुझे नहीं पता कि BRICS सम्मेलन में कितने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल होने वाले हैं, लेकिन पिछले दो तीन BRICS समिट से कोई खास या प्रत्यक्ष फायदा नजर नहीं आता है.’

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कांग्रेस नेता यहीं नहीं रूके उन्होंने BRICS के अलावा G20, QUAD और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे शिखर सम्मेलन पर भी सवाल उठाए. चिदंबरम ने कहा, इन संगठनों से देश को वास्तव में क्या ठोस लाभ मिला है, इस पर विचार होना चाहिए.

शशि थरूर ने दिया जवाब 

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कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के दावे पर कांग्रेस में ही दो फाड़ दिखी. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिदंबरम के उस सवाल का जवाब दिया. जिसमें उन्होंने पूछा था कि BRICS से भारत को क्या मिला? 

शशि थरूर ने कहा, BRICS ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है. उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन BRICS में शामिल 11 प्रमुख देश इन देशों की विविधता और अलग-अलग विचारों को काफी हद तक सामने रखते हैं. 

कांग्रेस सांसद ने कहा, BRICS के 11 देश दुनिया की आबादी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक GDP में उनकी हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत है. थरूर आगे कहते हैं, 

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‘यह कोई छोटी बात नहीं है और दुनिया के बाकी देशों को भी इस समूह को गंभीरता से लेना पड़ता है.’ 

थरूर ने बताया- क्यों खास है भारत की मेजबानी? 

शशि थरूर ने भारत में BRICS समिट के आयोजन को प्रतिष्ठा का विषय बताया. उन्होंने कहा, सम्मेलन में BRICS देशों के अलावा कुछ पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के नेता भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा, 

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‘इतने देशों के शीर्ष नेताओं का भारत आना देश की कूटनीतिक पहुंच और अलग-अलग देशों को एक मंच पर लाने की क्षमता दिखाता है.’ 

कांग्रेस सांसद ने कहा, वैश्विक मंच पर भारत की यह कूटनीतिक क्षमता अपने आप में महत्वपूर्ण है. हालांकि इस दौरान थरूर ने BRICS समिट की चुनौतियों पर भी बात की. उन्होंने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग सदस्य देशों के बीच महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर एक राय बनाने को माना. थरूर ने कहा, वैश्विक मुद्दों पर सभी BRICS देशों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं है. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने ईरान युद्ध और रूस-यूक्रेन संघर्ष का जिक्र किया. उन्होंने कहा, मई में नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान और UAE के बीच युद्ध को लेकर मतभेद सामने आए थे. इन मतभेदों की वजह से सदस्य देश साझा बयान पर सहमत नहीं हो सके थे. 

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BJP ने कांग्रेस को घेरा

BRICS को लेकर कांग्रेस में दो राय के बाद BJP ने सवाल उठाए. BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने चिदंबरम पर सवाल उठाए. उन्होंने पार्टी के अंदर विरोधाभास की ओर इशारा किया और कहा, थरूर का BRICS समिट को भारत के लिए बड़ी प्रतिष्ठा बताना कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय को दिखाता है.

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