'गॉड ब्लेस यू योगी अंकल...', मेजर की बीमार बेटी को CM ने 24 घंटे में दबंगों के कब्जे से वापस दिलवाया मकान, खुशी से छलके अंजना के आंसू
सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत महज 24 घंटे में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भू-माफियाओं से एक दिवंगत मेजर की बेटी अंजना का करोड़ों का मकान मुक्त कराया. आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे पीड़िता को नया साल न्याय और राहत के साथ मिला.
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उत्तर प्रदेश में भू-माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक फिर बड़ा और प्रभावशाली असर देखने को मिला है. दबंगों की प्रताड़ना की शिकार एक मेजर की बेटी अंजना के लिए नये साल का पहला दिन जमाने भर की खुशियां लेकर आया जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सिर्फ 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उसका करोड़ों का मकान उसे वापस दिलाकर भूमाफियों को सलाखों के पीछे डाल दिया.
दरअसल, अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे. जिनका साल 1994 में निधन हो गया था. इसके बाद मेजर का परिवार बिखर गया. अपने मेजर पिता और भाई-बहन को खोने के बाद से अंजना सीजोफ्रेनिया से जूझ रही हैं और रिहैब सेंटर में हैं. वह बुधवार को मुख्यमंत्री से मिलीं थीं तो उन्होंने बताया था कि चंदौली के बलराम यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है. सीएम से उन्हें 24 घंटे के भीतर न्याय का भरोसा मिला और गुरुवार को दोपहर से पहले ही उन्हें जब अपने मंकान पर कब्जा मिला तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और मुंह से निकला- ‘गॉड ब्लेस यू योगी अंकल!’
सेना में मेजर थे अंजना के पिता
अंजना के पिता स्व. बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे. उनका इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है. मेजर भट्ट के एक बेटे व दो बेटियां थीं. उनके बेटे व एक बेटी का निधन हो चुका है. सिर्फ अंजना ही परिवार में रह गई थीं. सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया. वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ. उन्हें बीमार देख बलराम यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और फर्जी कागजों से जमीन अपने नाम करा ली.
24 घंटे के भीतर ही हो गया समाधान
यह खबर जब अंजना को मिली तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का आग्रह किया. 31 दिसंबर (बुधवार शाम) मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुलाया और देश की सेवा करने वाले सैनिक की बेटी की पीड़ा को ध्यान से सुना. पीड़िता ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत दिनों चंदौली निवासी बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा कर लिया है. मकान पर बलवंत कुमार का बोर्ड भी लगा दिया गया है. उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया. जब इस प्रक्रिया में विलंब होने लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई.
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से अंजना को मिली ‘छांव’
रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे ने बताया कि 2016 में हम उन्हें अंजना को रिहैब सेंटर लेकर आए. वहां उनकी देखरेख हुई और इलाज प्रारंभ हुआ. कुछ दिन पहले मकान पर कब्जे की शिकायत मिली, जिस पर थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया. इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम से मिले निर्देश के बाद तत्काल स्थानीय प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और 24 घंटे के भीतर जांच कर उन्हें कब्जा दिलाया.
घर में प्रवेश करते ही छलक पड़े अंजना के आंसू
पुलिस व सेना के अधिकारी की मौजूदगी में गुरुवार को अंजना जैसे ही घर के भीतर पहुंचीं, उनके आंख से आंसू छलक पड़े। वे हर कमरे में गईं, वहां की दीवारों को चूमा. फिर बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और पुष्प रखकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा किया. पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वे रोने लगीं और बचपन के संस्मरण भी सुनाने लगीं. अपने घर में प्रवेश के बाद भाव विह्वल अंजना की आंखों में खुशी के आंसू थे. उनके दिल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए आभार निकला. उन्होंने कहा योगी अंकल महान हैं. उन्होंने दुख से हमारी सहायता की. थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू
सीएम से मिलने के 24 घंटे के अंदर आरोपी समेत दो गिरफ्तार
अंजना के सीएम से मुलाकात के बाद पुलिस और सक्रिय हो गई. पुलिस ने इस प्रकरण में तत्काल जांच शुरू करते हुए अंजना को उनके मकान में कब्जा दिलाया. एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू पुत्र रामदुलारे यादव निवासी ग्राम नारायणपुर, सैयदाराजा-चंदौली व मनोज कुमार यादव पुत्र स्व. उमाशंकर यादव निवासी दाउदपुर- थाना कोतवाली, चंदौली को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है.
बताते चलें कि इस पूरे मामले ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति न सिर्फ भू-माफियाओं के खिलाफ सख्ती दिखा रही है, बल्कि पीड़ितों को समय पर न्याय भी दिला रही है. अंजना को 24 घंटे में मिला इंसाफ प्रशासन की तत्परता और संवेदनशील शासन की मिसाल बन गया है.
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