'पाकिस्तानी’ कहकर ट्रोल हुए वेदांत से CBSE को मांगनी पड़ी माफी, जानिए क्या है पूरा मामला?
CBSE: सीबीएसई की एक बड़ी लापरवाही ने 12 वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव की जिंदगी को अचानक देशभर की चर्चा बना दिया. एक ऐसा लड़का, जिसने पूरे साल मेहनत करके परीक्षा दी, वह अचानक सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, गालियों ओर मानसिक दबाव के बीच फंस गया.मामला इतना बढ़ गया कि उसे ''पाकिस्तानी'', ''देशद्रोही'' और न जाने क्या -क्या कहा जाने लगा.
Follow Us:
Central Board of Secondary Education की एक बड़ी लापरवाही ने 12 वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव की जिंदगी को अचानक देशभर की चर्चा बना दिया. एक ऐसा लड़का, जिसने पूरे साल मेहनत करके परीक्षा दी, वह अचानक सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, गालियों ओर मानसिक दबाव के बीच फंस गया. वेदांत सिर्फ अपने नंबरों को लेकर जवाब चाहता था. लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि उसे ''पाकिस्तानी'', ''देशद्रोही'' और न जाने क्या -क्या कहा जाने लगा. आख़िरकार जब विवाद बढ़ा, तब खुद CBSE को सामने आकर माफ़ी मांगनी पड़ी...
फिजिक्स की कॉपी देखकर उड़ गए होश
13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया. वेदांत को फिजिक्स में उम्मीद से काफी कम नंबर मिले. उसे भरोसा नहीं हुआ कि उसकी इतनी खराब मार्किंग हो सकती है. अपने शक को दूर करने के लिए उसने बोर्ड से अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मंगवाई. लेकिन 23 मई को जब कॉपी उसके पास पहुंची, तो वह हैरान रह गया. कॉपी पर रोल नंबर उसका था, लेकिन लिखावट किसी और की थी. यानी जिस कॉपी की जांच हुई, वह उसकी थी ही नहीं.
वेदांत ने अपनी दूसरी कॉपियों और फिजिक्स की कॉपी का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि उसने पूरे साल मेहनत की, अपनी नींद और सुकून तक छोड़ दिया, लेकिन अब उसे यह तक नहीं पता कि उसकी असली कॉपी कभी जांची भी गई या नहीं.
मदद की जगह मिलने लगी गालियां
वेदांत की पोस्ट कुछ ही घंटों में वायरल हो गई. लाखों लोगों ने उसे देखा. लेकिन जहां उसे सहानुभूति और मदद मिलनी चाहिए थी, वहां सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उसे ट्रोल करना शुरू कर दिया. उसके प्रोफाइल में “South Asia” लिखा देखकर लोगों ने उसे भारतीय मानने से ही इनकार कर दिया. कुछ लोगों ने उसे “पाकिस्तानी'', “सोरॉस का एजेंट” और “देशद्रोही” तक कह दिया. एक 17 साल का लड़का, जो पहले ही अपने भविष्य को लेकर परेशान था, अब ऑनलाइन नफरत का निशाना बन गया.. उसके पिता ने बताया कि लगातार ट्रोलिंग की वजह से वेदांत मानसिक रूप से टूटने लगा था. वह ठीक से सो नहीं पा रहा था और डर के कारण उसने अपना फोन तक बंद कर दिया.
I am a CBSE Class 12 student.
— VEDANT (@VEDANTSHRIV17) May 23, 2026
After receiving unexpectedly low marks in Physics, we applied for photocopies of my answer sheets through the CBSE reevaluation process.
Today we received the copies.
And I am shattered because the Physics answer sheet uploaded by CBSE is not mine
राजनीति भी कूद पड़ी
जब मामला तेजी से फैलने लगा, तब राजनीति भी इसमें उतर आई. Rahul Gandhi ने खुलकर वेदांत का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि एक छात्र न्याय मांगने सोशल मीडिया पर आया था, लेकिन उसकी मदद करने के बजाय उसे गालियां दी गईं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उसे “एंटी-नेशनल” बताकर निशाना बनाया गया. इसके बाद यह मामला सिर्फ एक छात्र और CBSE की गलती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया की जहरीली ट्रोल संस्कृति पर भी सवाल उठने लगे.
आखिरकार CBSE ने मानी गलती
लगातार बढ़ते विवाद के बाद आखिरकार CBSE को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी. बोर्ड ने वेदांत को ईमेल भेजकर माफी मांगी और कहा कि जांच के बाद सही आंसर शीट उसके रजिस्टर्ड ईमेल पर भेज दी गई है.
साथ ही बोर्ड ने यह भी कहा कि उसके रिजल्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है. यह माफी सिर्फ एक छात्र के लिए राहत नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए भी जवाब थी जिन्होंने बिना सच जाने उसे सोशल मीडिया पर घेर लिया था.
क्या है OSM सिस्टम, जिस पर मचा है बवाल?
यह भी पढ़ें
इस पूरे विवाद की जड़ में है CBSE का नया “ऑन-स्क्रीन मार्किंग” यानी OSM सिस्टम. इस सिस्टम में छात्रों की कॉपियों को स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड किया जाता है और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही उन्हें जांचते हैं. इसका मकसद था कि कॉपी चेकिंग तेज और पारदर्शी हो जाए. लेकिन छात्रों का आरोप है कि इस सिस्टम में कई तकनीकी खामियां हैं. कहीं स्कैन धुंधले हैं, कहीं पेज गायब हैं और सबसे बड़ी बात - किसी छात्र की कॉपी दूसरे छात्र के रोल नंबर से लिंक हो जा रही है. वेदांत का मामला इसी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया.