सावधान! आज से करोड़ों लोगों के फोन में नहीं चलेगा WhatsApp, जानिए क्या आप भी हैं इस लिस्ट में?
WhatsApp ने नए नियम के तहत करोड़ों फोन पर अपनी ऐप सेवा बंद कर दी है. जानिए, अब व्हाट्एप के नए निमय क्या कहते हैं और कौन लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं?
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भारत में आज से चैटिंग ऐप्स के इस्तेमाल के नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जिससे करोड़ों WhatsApp यूजर्स अकाउंट बंद हो सकते हैं. सरकार के नए 'सिम बाइंडिंग' (SIM Binding) नियम की समय-सीमा 28 फरवरी को ही खत्म हो चुकी है और आज यानी 1 मार्च 2026 से इसे सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है. इस नियम का असर न केवल WhatsApp पर, बल्कि टेलीग्राम और सिग्नल जैसे दूसरे मैसेजिंग ऐप्स पर भी पड़ेगा.
भारत में 85.3 करोड़ हैं WhatsApp यूजर्स
व्हाट्सएप एक ऐसा चैटिंग ऐप है जिसे हर कोई इस्तेमाल करता है. इसकी खासियत ये भी है कि आप इस ऐप के माध्यम से आप विदेशों में भी आसानी से कॉल कर सकते हैं. अपने सगे-संबंधियों से बात कर सकते हैं. एक आकड़े के मुताबिक, भारत में WhatsApp के लगभग 85.3 करोड़ यूजर्स हैं. इनमें से एक बड़ी संख्या उन लोगों की है जो 'लिंक्ड डिवाइसेज' फीचर के जरिए एक ही नंबर से कई स्मार्टफोन पर WhatsApp चलाते हैं.
WhatsApp चलाने के लिए एक्टिव सिम कार्ड होना जरूरी
जैसा कि हमने जिक्र किया कि बहुत के यूजर्स ऐसे भी हैं, जो एक ही नंबर से कई स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप चलाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा. नए सिम बाइंडिंग नियम के तहत अब उसी स्मार्टफोन में WhatsApp चलेगा, जिसमें एक्टिव सिम कार्ड मौजूद होगा. मतलब, अगर आप एक सिम के जरिए दूसरे ऐसे फोन में WhatsApp चला रहे हैं जिसमें सिम कार्ड नहीं है, तो वहां यह ऐप काम करना खुद ही बंद कर देगा. जानकारी के लिए बता दें, कि एक अनुमान के मुताबिक इस बदलाव से लगभग 2 करोड़ से ज्यादा व्हाट्एप यूजर्स प्रभावित होंगे. हालांकि, लैपटॉप और पीसी (PC) पर आप ‘WhatsApp Web’ पहले की तरह ही चलता पाएंगे.
दूरसंचार विभाग (DoT) ने क्यों बनाए नए नियम?
दरअसल, दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 के तहत इस अनिवार्य सिम बाइंडिंग को पेश किया है. इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करना और साइबर अपराधियों पर लगाम लगाना है. सरकार इस नए नियम के तहत साइबर अपराध पर लगाम लगाना चाहती है. इस नए नियम से कई फायदे होंगे, जैसे-
- साइबर ठगी पर रोक: स्कैमर्स अब बिना सिम वाले डिवाइस से लोगों को निशाना नहीं बना पाएंगे.
- डिजिटल अरेस्ट से सुरक्षा: फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर अपराधों में कमी आएगी.
- UPI जैसी सुरक्षा: जिस तरह UPI ऐप्स के लिए सिम का फोन में होना अनिवार्य है, अब मैसेजिंग ऐप्स भी उतने ही सुरक्षित होंगे.
WhatsApp के 'ग्लोबल लॉगइन मॉडल' पर ब्रेक
अब तक WhatsApp 'वेरिफाई वन्स' (Verify Once) मॉडल पर काम करता था. इसमें केवल एक बार OTP के जरिए वेरिफिकेशन की जरूरत होती थी, जिसके बाद फोन से सिम निकाल देने या सिम बंद होने पर भी ऐप चलता रहता था. लेकिन अब नए नियमों के बाद WhatsApp का यह ग्लोबल मॉडल भारत में काम नहीं करेगा. और यह सबकुछ सुरक्षा की दृष्टि से किया गया है.
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