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CJP के प्रदर्शन और किसानों के दिल्ली कूच के बीच NDA सांसदों का भी महाजुटान, खुद PM मोदी भी रहे मौजूद, क्या बोले?
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन और किसानों के दिल्ली कूच के बीच NDA सांसदों की एक बड़ी बैठक हुई. इसमें NEET पेपर लीक सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इसे संसद सत्र और विपक्ष की लामबंदी के बीच महाजुटान बताया जा रहा है.
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दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बीच बड़ी ख़बर सामने आ रही है. नीट पेपर लीक और प्रदर्शन को लेकर विरोधियों-विपक्ष के निशाने के बीच सरकार की ओर बड़ी डेवलपमेंट हुई है. आपको बता दें कि संसद के मानसून सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की पहली बैठक हुई. इस दौरान NDA के नेताओं की बैठक और जुटान को अहम घटना मानी जा रही है. माना जा रहा है कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने संसद सत्र के दौरान आपसी समन्वय को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया. इस बैठक का नाम मंगल मिलन रखा गया.
CJP प्रोटेस्ट के बीच NDA सांसदों का महाजुटान
आज दिल्ली में एनडीए सांसदों की 'मंगल मिलन' नाम से एक खास बैठक हुई, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल हुए. इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने NEET पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि इस मुश्किल समय में सरकार पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़ी है.
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पीएम मोदी ने एकदम साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने भी परीक्षा में धांधली या कोई गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. यह बैठक सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई. इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुई.
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बैठक में क्या बोले पीएम मोदी, किरेन रिजिजू ने बता दिया?
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "...NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए... उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया... उन्होंने दोषियों को सज़ा देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई कमी न हो."
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उन्होंने आगे कहा, "NDA चल रहे मॉनसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा. देश के हित में लाए जाने वाले बिलों को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं. हम विपक्ष से भी आग्रह करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन वे देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए मिलकर काम करें."
रिजिजू ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने कई अहम मुद्दों पर बात की और अपना मार्गदर्शन दिया. उन्होंने हाल के महीनों में देश की कामयाबियों का ज़िक्र किया और अलग-अलग देशों के साथ हुए FTA के बारे में बात की. इन समझौतों को लेकर प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ होने वाले FTA में किसानों का कल्याण सबसे अहम होता है, ताकि ये समझौते किसानों और देश, दोनों के ही सर्वोत्तम हितों को पूरा कर सकें."
NDA की बैठक की टाइमिंग महत्वपूर्ण!
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परंपरागत रूप से संसद के प्रत्येक सत्र के दौरान एनडीए संसदीय दल की बैठक हर मंगलवार को आयोजित होती रही है. हालांकि इस बार इसे 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है. गठबंधन का कहना है कि इस नए नाम के जरिए नियमित संसदीय बैठकों को सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने का प्रयास किया गया है. यह बैठक ऐसे समय में हुई जब संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ही दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित हो रही है.
#WATCH दिल्ली: NDA संसदीय दल की बैठक और 'मंगल मिलन' कार्यक्रम शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NDA के अन्य नेता इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। pic.twitter.com/F6FGLLcqLj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 21, 2026
संसद में गतिरोध जारी!
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सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने नीट विवाद, राम मंदिर चढ़ावा मामला, जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन और ई-20 पेट्रोल समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी. अध्यक्षीय पीठ पर मौजूद जगदंबिका पाल ने सदन की गरिमा बनाए रखने और शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा.
इससे पहले अध्यक्षीय पीठ पर मौजूद दिलीप सैकिया ने भी सदन में व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की. उन्होंने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर बैठने और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर शून्यकाल चलने देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "यह व्यवहार लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है... क्या आप नहीं चाहते कि सदन चले?" इसके बावजूद विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा. लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
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