Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

महाकुंभ की तैयारियों पर अखिलेश यादव ने कसा तंज, 'अब कछुए की चाल की जगह'

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ को लेकर अब कुछ ही दिनों का वक़्त बचा है। ऐसे में कुंभ को भव्य-दिव्य बनाने के लिए तैयारी तेज़ी से चल रही है। इसका जायज़ा लेने के लिए ख़ुद सूबे के मुखिया योगी आदित्यानाथ पहुंच रहे है, ज़मीनी निरीक्षण कर तैयारियों में लगे अधिकारियों संग समीक्षा बैठक भी कर रहे है।

Loading Ad...
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ को लेकर अब कुछ ही दिनों का वक़्त बचा है। ऐसे में कुंभ को भव्य-दिव्य बनाने के लिए तैयारी तेज़ी से चल रही है। इसका जायज़ा लेने के लिए ख़ुद सूबे के मुखिया योगी आदित्यानाथ पहुंच रहे है, ज़मीनी निरीक्षण कर तैयारियों में लगे अधिकारियों संग समीक्षा बैठक भी कर रहे है। वही दूसरी तरफ़ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यांतरि अखिलेश यादव लगातार सवाल उठा रहे है। इस बार महाकुंभ की तैयारियों को लेकर सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव ने शासन-प्रशासन की तारीफ की है। 


सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"वैसे खंभों पर तार ‘बिछाया’ नहीं ‘लगाया’ जाता है और वो भी समय रहते, जिससे सभी सिक्योरिटी चेक अप के लिए पर्याप्त समय मिल सके। अच्छा हुआ शासन-प्रशासन के संज्ञान में ये मुद्दा आया, यही हमारा उद्देश्य था, जो पूर्ण हुआ। आशा है अब कछुए की चाल की जगह मेले की तैयारी सही गति पकड़ पाएगी. हम सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएँगे और मेले के आयोजन की कमियों की ओर निरंतर आपका ध्यान खींचते रहेंगे।"


इसके बाद अखिलेश यादव ने अपने अगले पोस्ट में योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा "22 में से केवल यातायात लायक केवल 9 पांटून पुल, बाक़ी नौ दो ग्यारह--मतलब साल भर की क़वायद के बाद 22 में से केवल 9 पांटून ब्रिज यातायात योग्य बन पाये हैं अर्थात् लगभग 40% ही काम हो पाया है। अब जब इस महाआयोजन के लिए सिर्फ़ 20 दिन और बचे हैं तो बाक़ी बचे पुल कैसे बन पाएंगे और भीड़ का नियंत्रण और आवागमन कैसे संभव होगा। भाजपा सरकार इसे बहुत गंभीरता से ले।"


ज्ञात हो कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति और आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। इसका आयोजन प्रमुख रूप से चार पवित्र स्थलों- प्रयागराज, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में होता है। इस महापर्व का साधु-संतों और श्रद्धालुओं द्वारा बेसब्री से इंतजार किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान करने से व्यक्ति को अपने जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...