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Akhilesh ने फिर कर दिया दावा, बोले- छिन जाएगी योगी की कुर्सी !
केजरीवाल की तरह ही महाराष्ट्र चुनाव से ठीक पहले अखिलेश ने भी सीएम योगी को लेकर भविष्यवाणी कर दी है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र चुनाव के बाद सीएम योगी को बीजेपी आलाकमान द्वारा हटाने का फ़ैसला लिया जाएगा।
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लोकसभा चुनावों के दौरान दिल्ली के उस वक़्त के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की थी। केजरीवाल ने दावा किया था मोदी अपने लिए नहीं बल्कि अमित शाह के लिए वोट मांग रहे हैं और अगर ये लोग जीत गये तो योगी को 2-3 महीने के अंदर अंदर उनके पद से हटा देंगे। क्या चार दावे केजरीवाल ने किये थे पहले वो सुनिये।
अरविंद केजरीवाल ने लगभग 5 महीने पहले एक प्रेस कान्फ्रेंस में ये बयान दिया था जिसमें उनके साथ अखिलेश यादव भी मौजूद थे। केजरीवाल के इस दावे ने बीजेपी के अंदरखाने की कलह को जगज़ाहिर कर दिया था, हालाँकि बीजेपी ने वक़्त रहते अपने हालातों को सँभाल तो लिया लेकिन यूपी में सीटों की भारी गिरावट का एक कारण ये भी बताया जाता है। दरअसल लोगों को लगा कि जब योगी को हटा ही दिया जाएगा तो बीजेपी को यूपी में क्यों जिताना ?
खैर, मामला रफ़ा दफ़ा हो गया और पिछले कुछ दिनों से इसकी चर्चा पूरी तरह से बंद थी, लेकिन अब एक बार फिर यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया ने इसी राग को अलापना शुरू कर दिया है और यूपी के सियासी पारे को हाई कर दिया है। केजरीवाल की तरह ही महाराष्ट्र चुनाव से ठीक पहले अखिलेश ने भी सीएम योगी को लेकर ऐसी ही भविष्यवाणी कर दी है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र चुनाव के बाद सीएम योगी को बीजेपी आलाकमान द्वारा हटाने का फ़ैसला लिया जाएगा।
दरअसल ये बात अखिलेश यादव ने उस वक़्त कही जब वो विधानसभा उपचुनाव के लिए कुंदरकी क्षेत्र में प्रचार करने के लिए पहुंचे थे। यहां पर अखिलेश यादव ने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छीन ली जाएगी। योगी दिल्ली गये थे और चाहते थे कि अपना कुछ बनवा ले लेकिन बन नहीं पाया, सब कुछ कार्यवाहक चल रहा है। दिल्ली सोच रहा है कि कब इन्हें कुर्सी से हटाएं। सुनिये अखिलेश यादव ने क्या कुछ कहा ?
वैसे अखिलेश यादव के इस बयान में कोई सच्चाई नज़र नहीं आती, ऐसा इसलिए क्योंकि बात सिर्फ़ महाराष्ट्र चुनाव की तो है नहीं, 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव होने हैं। सीएम योगी को जिस तरह से उपचुनाव में मैदान में उतारा जा रहा है, साफ़ पता चलता है कि वो बीजेपी के लिए अभी भी यूपी में सबसे बड़ा चेहरा है और रहेंगे। फिर बात यूपी की ही नहीं आप महाराष्ट्र झारखंड से लेकर हरियाणा तक की कर लीजिये। हर जगह योगी का जलवा दिख रहा है और ऐसा दिख रहा है कि हरियाणा में तो हारती हुई बाज़ी बीजेपी के पास आ गई। फिर झारखंड और महाराष्ट्र में भी योगी का भौकाल टाइट है।
रही सही कसर यूपी की वो जनता पूरी कर रही है कि जो डंके की चोट पर कह रही हैं कि हमारे लिए तो बाबाजी ही सबसे ऊपर है। तो योगी को हटाना, या उनकी कुर्सी छीनना या उनकी जगह किसी और को सीएम बनाना साफ़ लगता है कि अखिलेश मनगढ़ंत कहानी बना रहे हैं ताकि चुनाव में बीजेपी को नुक़सान हो सके। कहा तो ये भी जा रहा है कि सीएम के जहां दिखे सपाई वहाँ बिटिया घबराई से चिढ़कर अखिलेश ने इस तरह का बयान दिया है।
वैसे योगी के बयान से चिढ़कर जो अखिलेश ने दावा किया। अगर ऐसा होता ना अखिलेश बाबू तो यूपी में सबसे बड़ा अधिकारी योगी की पसंद का तैनात ना किया जाता। हम बात कर रहे हैं मुख्य सचिव की। IAS मनोज कुमार सिंह योगी के पसंदीदा अधिकारियों में से एक हैं। उनका पावर में आना साफ बताता है कि योगी को कामकाज में कोई लापरवाही नहीं चाहिये। खैर, अखिलेश की बातों में जनता को तो कोई दम नहीं दिख रहा है।
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