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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का दिखा एक्शन, एक आतंकी हुआ ढेर, हेड कांस्टेबल की शहादत का लिया जा रहा बदला

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों ने हाल ही में एक मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराया है। यह मुठभेड़ 28 सितंबर 2024 को शुरू हुई थी जब सुरक्षा बलों को मंडली गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली।

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Jammu & Kashmir : जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत एक आतंकी को मार गिराया है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब हेड कांस्टेबल बशीर अहमद की शहादत के बाद इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिली थी। बिलावर तहसील के कोग-मंडली गांव में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद रविवार दोपहर आतंकी का शव बरामद किया गया। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने गांव में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन -


जम्मू जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने बताया कि तीन से चार विदेशी आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार को ही तलाशी अभियान शुरू किया था। इस दौरान एक मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल बशीर अहमद शहीद हो गए, जबकि दो अन्य अधिकारी—एक पुलिस उपाधीक्षक और एक सहायक उपनिरीक्षक—घायल हो गए थे। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल के पास सर्च ऑपरेशन जारी रखा हुआ है और पूरे इलाके को कड़ी घेराबंदी के तहत रखा गया है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें। यानि कि अब तक एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली है, लेकिन अन्य आतंकियों की खोजबीन जारी है।

हेड कांस्टेबल की शहादत का बदला -

हेड कांस्टेबल बशीर अहमद की शहादत ने इस ऑपरेशन को और भी गंभीर बना दिया है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सुरक्षाबल आतंकियों को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। बशीर अहमद की बहादुरी और समर्पण की सराहना की गई है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। घायल अधिकारियों की हालत अब स्थिर है और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है।

चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था  - 

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे इस ऑपरेशन से एक ओर आतंकियों को खत्म करने का प्रयास हो रहा है, वहीं दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। 1 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव होने हैं, जिसमें कठुआ, जम्मू, उधमपुर, सांबा, बारामूला, बांदीपुरा और कुपवाड़ा जैसे जिले शामिल हैं। इन चुनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। जम्मू जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने कहा कि आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की हिंसा न हो और लोग शांतिपूर्वक मतदान कर सकें।

आतंकवाद के खिलाफ कड़ी घेराबंदी -

सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया है ताकि कोई भी आतंकी बचकर भाग न सके। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जैन ने कहा कि हमें लगातार आतंकियों की गतिविधियों की सूचना मिल रही है और हर कदम पर सतर्कता बरती जा रही है।इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के लोगों को आतंकवाद से मुक्त करना और उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। 
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