ये कोई आम बीज नहीं, सिर से जूं को तुरंत करे खत्म, खुजली और डैंड्रफ से भी मिलेगी राहत, बस जान लें कैसे करें इस्तेमाल
आयुर्वेद में माना गया है कि जब सिर की त्वचा में गंदगी और ज्यादा पसीना आने लगता है, तब जूं जैसी समस्या शुरू होने लगती है. ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलकर इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकती हैं.
Follow Us:
सिर में जूं होना आम समस्या है, लेकिन एक बार जूं हो जाएं तो यह रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है. बालों में चिपकी लीखें और खुजली के चलते बने छोटे-छोटे घाव इंसान को चिड़चिड़ा बना देते हैं. आयुर्वेद में माना गया है कि जब सिर की त्वचा में गंदगी और ज्यादा पसीना आने लगता है, तब जूं जैसी समस्या शुरू होने लगती है. ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलकर इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकती हैं.
नारियल तेल और नीम के बीजों का मिश्रण
इन समस्याओं को दूर करने के लिए नारियल के तेल और नीम के बीजों के मिश्रण को सबसे प्रभावशाली उपाय माना गया है. आयुर्वेद में नीम को कृमिघ्न यानी कीड़े और परजीवी नष्ट करने वाला कहा गया है. नीम के बीजों में ऐसे कड़वे तत्व पाए जाते हैं, जो जूं के लिए जहर की तरह काम करते हैं. वहीं नारियल का तेल सिर की त्वचा को पोषण देता है और बालों की जड़ों तक गहराई से पहुंचकर जूं के सांस लेने के रास्ते को बंद कर देता है.
जानें किस तरह करें इस्तेमाल
जब नारियल तेल को धीमी आंच पर गर्म करके उसमें नीम के बीज डाले जाते हैं और उसे कुछ दिनों तक रखा जाता है, तो नीम के औषधीय गुण तेल में पूरी तरह घुल जाते हैं. यह तेल जब सिर पर लगाया जाता है, तो सबसे पहले जूं की बाहरी परत को कमजोर करता है. जूं सांस लेने के लिए बहुत छोटे छिद्रों पर निर्भर होती हैं. तेल इन छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे जूं धीरे-धीरे मरने लगते हैं.
चार से पांच हफ्तों में जूं पूरी तरह होंगी खत्म
नीम के बीजों का कड़वापन लीखों पर भी असर करता है, जिससे वे बालों से ढीली पड़ने लगती हैं और दोबारा जूं पैदा नहीं हो पाते. विज्ञान के अनुसार, नीम में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण सिर की त्वचा में होने वाले संक्रमण को भी कम करते हैं. इसके नियमित उपयोग से चार से पांच हफ्तों में जूं पूरी तरह खत्म हो जाती हैं.
वैसलीन और कपूर
वैसलीन और कपूर का मिश्रण भी इस समस्या को दूर करने में मददगार होता है. आयुर्वेद में कपूर को शीतल, कीटाणुनाशक और खुजली शांत करने वाला माना गया है. कपूर की तेज खुशबू और उसकी गर्म तासीर जूं के लिए नुकसानदायक होती है. वहीं वैसलीन एक गाढ़ा पदार्थ है, जो जूं को बालों में फंसाकर उनकी गति रोक देता है. जब वैसलीन और कपूर को मिलाकर सिर की त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह मिश्रण जूं के शरीर को ढक देता है.इससे जूं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे कुछ ही समय में मर जाते हैं.
खुजली और डैंड्रफ में दिलाए राहत
वैसलीन जूं के श्वसन तंत्र को ब्लॉक करती है, जबकि कपूर उसके तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है. कपूर की खुशबू जूं को सिर से दूर भगाने का काम भी करती है. यही कारण है कि इस उपाय के बाद जब बालों को धोकर कंघी की जाती है, तो मरी हुई जूं और लीखें आसानी से निकल जाती हैं. साथ ही, कपूर सिर की खुजली और डैंड्रफ को भी कम करता है, जिससे त्वचा को राहत मिलती है.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement