एक छोटा सा तिल का दाना हड्डियों को रखेगा मजबूत, जोड़ों के दर्द को करेगा खत्म, बस इस तरह से करें सेवन
तिल के बीज कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये तत्व हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी हैं. कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है, जबकि मैग्नीशियम और फॉस्फोरस उनकी संरचना को बेहतर करते हैं. बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) की समस्या आम है, खासकर महिलाओं में. तिल का नियमित सेवन इस जोखिम को कम करता है.
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गड़बड़ भोजन और अनियमित दिनचर्या शरीर को धीरे-धीरे बीमार बना देती है. ऐसे में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं. जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, लेकिन प्रकृति ने इसका सरल समाधान दिया है तिल. तिल के छोटे-छोटे बीज कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स से भरपूर होते हैं.
गुणों का भंडार है तिल
तिल के बीज कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये तत्व हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी हैं. कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है, जबकि मैग्नीशियम और फॉस्फोरस उनकी संरचना को बेहतर करते हैं. बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) की समस्या आम है, खासकर महिलाओं में. तिल का नियमित सेवन इस जोखिम को कम करता है.
हड्डियों को करे मजबूत
ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और कमजोरी से बचाते हैं. रोजाना थोड़ा तिल खाना हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं. भारत सरकार का आयुष मंत्रालय तिल के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालता है. तिल को कैल्शियम से भरपूर हड्डियों का भरोसेमंद साथी बताता है. सर्दियों में तिल का सेवन न सिर्फ शरीर को गर्म रखता है, बल्कि हड्डियों को मजबूत बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाता है.
जोड़ों का दर्द और सूजन को करे कम
इसके अलावा, तिल जोड़ों के दर्द को कम करने में मददगार है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को नियंत्रित करते हैं. अर्थराइटिस या जोड़ों की जकड़न वाले लोगों के लिए तिल फायदेमंद साबित होता है.
ऐसे करें तिल का सेवन
आयुष मंत्रालय के अनुसार, रोजाना 1-2 चम्मच तिल खाने से हड्डियां स्वस्थ और मजबूत रहती हैं. तिल को आहार में शामिल करना आसान है. इसे भूनकर खाया जा सकता है, सलाद में डाला जा सकता है या तिल के लड्डू बनाकर सेवन किया जा सकता है. सर्दियों में तिल-गुड़ के लड्डू तो पारंपरिक रूप से लोकप्रिय हैं.
अधिक मात्रा में सेवन से बचें
काले या सफेद तिल दोनों ही फायदेमंद हैं, हालांकि अधिक मात्रा में सेवन से बचें, क्योंकि तिल में कैलोरी भी ज्यादा होती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, व्यायाम और तिल जैसे पोषक तत्वों का सेवन मिलकर हड्डियों को जीवनभर मजबूत रख सकता है.
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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