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करवा चौथ की सरगी सिर्फ रस्म नहीं, सेहत के लिहाज से भी है खास, जानें क्या खाएं

करवाचौथ पर सरगी देने की परंपरा सदियों पुरानी है. आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी की थाली देती हैं. इसमें खाने-पीने की चीजों के साथ चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर और दूसरी सुहाग सामग्री भी शामिल हो सकती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरगी सास के प्यार, आशीर्वाद और बहू की खुशहाली की कामना का प्रतीक है. हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इस रस्म को निभाने के तरीके अलग हो सकते हैं.

Image Credits: IANS/AI
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करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है. सरगी की परंपरा सिर्फ धार्मिक मान्यताओं से ही नहीं जुड़ी है बल्कि सेहत के लिहाज से भी इसका खास महत्व है. 

 करवाचौथ पर सरगी देने की परंपरा सदियों पुरानी है

करवाचौथ पर सरगी देने की परंपरा सदियों पुरानी है. आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी की थाली देती हैं. इसमें खाने-पीने की चीजों के साथ चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर और दूसरी सुहाग सामग्री भी शामिल हो सकती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरगी सास के प्यार, आशीर्वाद और बहू की खुशहाली की कामना का प्रतीक है. हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इस रस्म को निभाने के तरीके अलग हो सकते हैं.

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भोजन के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी 

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करवाचौथ पर महिलाएं लंबे समय तक बिना कुछ खाए-पिए रहती हैं. ऐसे में व्रत शुरू करने से पहले पौष्टिक भोजन करना शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है. संतुलित सरगी खाने से पेट भरा रहने में मदद मिलती है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं. भोजन के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है.

ताजे फल: सरगी में सेब, केला, अनार और दूसरे मौसमी फल शामिल कर सकती हैं. फलों से विटामिन, खनिज और फाइबर मिलता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं.

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सूखे मेवे: बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश जैसे मेवे थोड़ी मात्रा में खाए जा सकते हैं. इनमें ऊर्जा देने वाले पोषक तत्व और स्वस्थ वसा होती है.

दूध और फेनी: कई घरों में दूध के साथ फेनी या मीठी सेवईं खाने की परंपरा है. दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जबकि फेनी से ऊर्जा मिलती है.

पौष्टिक भोजन: सरगी में पराठा, रोटी, दलिया या दूसरी पसंदीदा चीजें भी शामिल कर सकती हैं. साबुत अनाज और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं.

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पर्याप्त पानी: सरगी के दौरान पर्याप्त पानी पीना न भूलें. बहुत ज्यादा नमकीन, तला-भुना या तीखा भोजन खाने से बचें क्योंकि इससे प्यास बढ़ सकती है.

सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है

परंपरा के अनुसार, सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है. इसलिए 29 अक्टूबर को अपने शहर में सूर्योदय का समय देखकर उसी के अनुसार सरगी खाएं.

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निर्जला व्रत हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होता

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ध्यान रखें कि निर्जला व्रत हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होता. गर्भवती महिलाओं, मधुमेह या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही महिलाओं और नियमित दवाएं लेने वालों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. कमजोरी, चक्कर या तबीयत बिगड़ने पर सेहत को प्राथमिकता दें.

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