सांप काट ले तो घबराएं नहीं, इन सही कदमों से बचाई जा सकती है जान | घरेलू नुस्खे न अपनाएं
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, सर्पदंश के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। देश में हर साल एक बड़ी आबादी सर्पदंश का शिकार होती है। परेशान करने वाली बात ये है कि कई बार लोग डर के कारण या अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। अगर मरीज को सही समय पर अस्पताल पहुँचाया जाए, तो ज्यादातर मामलों में जान बचाई जा सकती है।
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ग्रामीण इलाकों में या बेमौसम बारिश होने पर, सांपों का रिहाइशी इलाकों में निकलना आम बात है। ऐसे में सांप काटने की कई घटनाएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश वास्तव में एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है जो जानलेवा भी हो सकती है। सांप के काटने पर अक्सर लोग घबराहट में गलत घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, जिससे स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ जाती है।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, सर्पदंश के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। देश में हर साल एक बड़ी आबादी सर्पदंश का शिकार होती है। परेशान करने वाली बात ये है कि कई बार लोग डर के कारण या अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। अगर मरीज को सही समय पर अस्पताल पहुँचाया जाए, तो ज्यादातर मामलों में जान बचाई जा सकती है।
सही जानकारी से बचाई जा सकती है जान
सांप काटने पर घाव को साफ पानी से धोएं। मरीज से अंगूठी, कड़ा, जूता या कोई भी टाइट कपड़ा तुरंत हटा दें। मरीज को शांत रखें और ज्यादा हिलने-डुलने से बचाएं। बिना किसी देरी के नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि सांप काटने पर घाव पर चीरा न लगाएं। घाव पर कसकर पट्टी या बंधन न बांधें। जहर चूसने की कोशिश कभी न करें। झाड़-फूंक, देशी नुस्खे या किसी भी तरह के घरेलू उपाय पर समय बर्बाद न करें।
सर्पदंश के बाद सबसे बड़ा खतरा घबराहट और गलत इलाज से होता है। जहर शरीर में तेजी से फैल सकता है, इसलिए मरीज को जितना हो सके कम हिलाएं। घाव को चीरा लगाने या जहर चूसने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और स्थिति और खराब हो सकती है।
सरकारी अस्पताल जाना ज्यादा सुरक्षित
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि सांप काटने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं जहां एंटी-वेनम सीरम और जरूरी इलाज उपलब्ध होता है। निजी क्लिनिक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने की बजाय सरकारी अस्पताल जाना ज्यादा सुरक्षित है।
सांपों वाले इलाकों में सतर्क रहें। रात में चलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और लंबी घास या अंधेरी जगहों से बचें। अगर सांप दिख जाए तो उसे छेड़ें नहीं, दूर हट जाएं। सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है। घबराहट की बजाय शांत रहकर सही कदम उठाएं तो जान बचना तय है।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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