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तुर्की से टैंक लेने जा रहा बांग्लादेश, भारत के साथ बढ़ाना चाहता है टेंशन !
अब एक बार फिर टीबी 2 ड्रोन के बाद बांग्लादेश ने तुर्की के टैंकों को भी ख़रीदने की सोच रहा है…बांग्लादेश के उत्तर, पश्चिम और पूर्व में भारत है। दक्षिण में बंगाल की खाड़ी है। बांग्लादेश की सीमा म्यांमार से लगती है, और यह सीमा मुश्किल से 270 किलोमीटर है…ऐसे में इन टैंकों को भारत और म्यांमार से लगी सीमा पर तैनात किया जा सकता है..
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कट्टरपंथ से देश को चला रहे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्यमंत्री मोहम्मद यूनुस ने आज देश का जो हाल किया है वो सब देख रहे हैं। किस तरह देश में लोकतंत्र को ख़त्म कर कट्टरपंथियों को बढ़ावा दिया और भारत जैसे अपने पड़ोसी से रिश्ते ख़राब किए।यहीं नहीं पाकिस्तान से अपनों का बलिदान भुलाकर दोस्ती बढ़ाई। भारत के खिलाफ साज़िश का हिस्सा बनते बांग्लादेश को ये नहीं समझ आ रहा कि कट्टरपंथ की बदौलत देश कितना ख़राब हो रहा है। बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने पिछले दिनों देश के बार्डर पर तुर्की में बने बायरकटर टीबी2 ड्रोन को तैनात किया है। ये वही ड्रोन है जब अजरबैजान ने इनका इस्तेमाल करके अर्मेनियाई सेना को खत्म कर दिया था।पहले भारत से पंगा फिर बार्डर पर तनाव बढ़ाने के लिए की जा रही ये साज़िशें बताती हैं कि बांग्लादेश की सरकार किस तरह से काम कर रही है। अब एक बार फिर टीबी 2 ड्रोन के बाद बांग्लादेश ने तुर्की के टैंकों को भी ख़रीदने की सोच रहा है। बांग्लादेश के उत्तर, पश्चिम और पूर्व में भारत है। दक्षिण में बंगाल की खाड़ी है। बांग्लादेश की सीमा म्यांमार से लगती है, और यह सीमा मुश्किल से 270 किलोमीटर है। ऐसे में इन टैंकों को भारत और म्यांमार से लगी सीमा पर तैनात किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक़, बांग्लादेश ने अपनी सेना के आर्मर्ड कोर के लिए 26 हल्के टैंक खरीदने के लिए तुर्की की एक फर्म-- ओटोकार ओटोमोटिव वी सवुनमा सनाई ए.एस. के साथ बातचीत शुरू कर दी है। कहा ये भी जा रहा इसी साल इन टैंकों की डिलीवरी भी हो जाएगी और इसे बार्डर पर तैनात भी कर दिया जाएगा।
सवाल इस बीच ये भी है कि बांग्लादेश को किस देश के साथ लड़ाई लड़नी है। जो ड्रोन और इन टैंकों को बार्डर पर तैनात कर रहा है। क्योंकि बांग्लादेश जैसे आपको बताया कि तीन तरफ़ से भारत से ही घिरा हुआ है। और एक तरफ़ बंगाल की खाड़ी है। अब बांग्लादेश की चाल इससे भी समझ आती है की वो उस पाकिस्तान से भी नज़दीकियां बढ़ा सकता है। जिससे वो अलग होने के लिए ना जाने कितने अपने लोगों की जान गंवा चुका है। अब ऐसा नहीं है कि भारत की इस सब पर नज़र नहीं है।तुर्किये से टैंक खरीदने के बारे में पूछने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा,
पिछले दिनों भारत के विदेश सचिव बांग्लादेश गए थे और वहां उनकी बैठक हुई थी..हमने यह साफ तौर पर कहा है कि भारत एक लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बांग्लादेश का समर्थन करता है..हम परस्पर हितों पर आधारित सकारात्मक संबंध चाहते हैं..जहां तक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का सवाल है तो हम पड़ोस में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखते हैं और जो भी आवश्यक समझा जाता है, वो कदम उठाये जाते हैं।
क्या है बायरकटर टीबी2 ड्रोन ?
लगभग 230 किमी प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड के साथ, ड्रोन अपने MAM (स्मार्ट माइक्रो म्यूनिशन) लेजर-गाइडेड मिसाइलों को तैनात करने वाले आधुनिक टैंकों को नष्ट करने में सक्षम है।
TB2 ड्रोन 150 किलोग्राम का पेलोड ले जाने की क्षमता के कारण एक उड़ान में चार ऐसे MAM तक ले जा सकता है। ड्रोन के अत्याधुनिक पेलोड विन्यास में एक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल कैमरा मॉड्यूल, एक इन्फ्रारेड कैमरा मॉड्यूल, एक लेजर डिज़ाइनर, एक लेजर रेंज फाइंडर और एक लेजर पॉइंटर शामिल है।
इसके अलावा, ये ड्रोन 24 घंटे से ज़्यादा देर तक उड़ सकता है और इसे लगभग 300 किलोमीटर है दूर तक उड़ाया जा सकता है
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