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‘इसका खामियाजा तुम्हें भुगतना पड़ेगा’, PM मोदी का अपमान करने वालों पर भड़के मुकेश खन्ना, बोले- इन कॉकरोचों को निकाल फेंको
शक्तिमान एक्टर मुकेश खन्ना ने भी छात्रों की इस भाषा पर चिंता जताई है, साथ ही एक्टर ने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक बातें करने वालों को जमकर खरी खोटी सुनाई है. मुकेश खन्ना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है.
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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कुछ बच्चों ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था, जिसपर काफी बवाल मच रहा है. कई हस्तियों ने पीएम के ख़िलाफ़ ऐसी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वालें छात्रों को लताड़ लगाई है.
पीएम मोदी का अपमान करने वालों पर भड़के मुकेश खन्ना
अब शक्तिमान एक्टर मुकेश खन्ना ने भी छात्रों की इस भाषा पर चिंता जताई है, साथ ही एक्टर ने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक बातें करने वालों को जमकर खरी खोटी सुनाई है. मुकेश खन्ना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. मुकेश खन्ना ने सीधा सीधा कह दिया है कि अगर ये जेन-जी हैं और देश को अपने कंधों पर उठाते हैं,तो देश की हालत बहुत ख़राब हो जाएगी.
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‘देश इनके कंधे पर टिकेगा तो हमारे देश का हाल क्या होगा’
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मुकेश खन्ना ने वीडियो में अपशब्द बोलने वालों को कहा, “दो दिन पहले ही मैंने रील डाली थी, जिसमें मैंने चिंता जाहिर की थी कि ये हमारी यूथ है और जेन जी है तो आने वाले 25 साल के बाद देश इनके कंधे पर टिकेगा तो हमारे देश का हाल क्या होगा? मैंने महसूस किया है और जितना देख रहा हूं कि ये हमारे देश के छात्र नहीं हैं जो नीट के पेपर लीक की समस्या को लेकर आगे आए थे. उनको बुलाया गया था, चंद लोग हैं जो इनको आगे करके सरकार के खिलाफ मां-बहन की गालियां दिलवाते हैं. वो रात में पार्टियां करते हैं और ये लोग आगे नहीं आते. स्टूडेंट्स सफर कर रहे हैं.”
‘मुझे लगता है कि ये सही मायने में कॉकरोच हैं’
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मुकेश खन्ना ने वीडियो में आगे कहा, “मुझे लगता है कि ये सही मायने में कॉकरोच हैं, जो हमारे घर में आते हैं तो हम उन्हें उठाकर बाहर फेंक देते हैं. मैं चाहता हूं कि जो कैमरे के आगे बोला है, उन्हें हटाया जाना चाहिए. निकाला जाए. यह नीट के लिए आंदोलन नहीं था. ये बाहरी पैसों का आंदोलन था. छात्र कभी इतनी गंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते. ये सब बिके हुए जयचंद और मीरा जाफर हैं. बच्चों को कहूंगा कि आप जो कुछ भी बोलकर गए हो, आने वाली जिंदगी इससे इफेक्ट करेंगी. इनसे बाहर निकलो और बचो, ये लोग आपको यूज कर रहे हैं. नौकरियां तक नहीं मिलेंगी, पुलिस और सरकार से मदद नहीं मिलेगी. आपका करियर खराब हो जाएगा.”
‘इनके चंगुल से जितना जल्दी निकल आओ अच्छा है’
वहीं मुकेश खन्ना ने कैप्शन में लिखा कि “बहुत देर हो जाए, उससे पहले इन कॉकरोचों को निकाल फेंको. घर में जब कॉक्रोचेस आ जाते हैं, तो हम क्या करते हैं ? उन्हें ढूंढकर ,पकड़ कर, उठा कर बाहर फेंक आते हैं, इनके साथ भी ऐसा ही कीजिए. जो बच्चे इनके बहकावे में आकर जोश में बहुत ही गलत सलत बोल गए हैं. उनको मेरी चेतावनी है, तुम्हारा स्टेटमेंट हिस्ट्री में रिकॉर्ड हो गया है. तुम इनकी संगत में खुद भी गंदी नाली के कीड़े बन गए हो. इसका खामियाजा तुम्हें भुगतना पड़ेगा. कोई पुलिस तुम्हारी मदद नहीं करेगी. कई लोग तुम्हें नौकरी देने में हिचकिचाएंगे. सरकारी मदद बंद. शायद तुम्हें कई वीजा भी ना मिले. परिवार की नजरों में तुम गिर चुके हो. इस लिए इनके चंगुल से जितना जल्दी निकल आओ अच्छा है.”
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प्रदर्शन के नाम पर पीएम के ख़िलाफ़ की थीं अभद्र बातें
बता दें कि छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में कथित तौर पर अपशब्दों और अभद्र भाषा के इस्तेमाल ने देश भर में एक नई बहस को जन्म दे दिया है. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. प्रदर्शन के नाम पर कई लोगों ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ अभ्रद भाषा का इस्तेमाल किया था.
क्यों हो रहा था विरोध प्रदर्शन?
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्य परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारी लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी समस्याओं, जिसमें नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मामले भी शामिल हैं, वहीं प्रदर्शनकारी लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे, हालांकि अब शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है.