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शाहरुख-अजय पर तुकाराम मुंढे का बड़ा बयान, बोले- ‘स्टार होंगे अपने घर में, मेरे लिए कानून सबके लिए बराबर’
Tukaram Mundhe: विभाग को आशंका है कि विज्ञापन के जरिए पान मसाला का सीधे तौर पर नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट तरीके से प्रचार किया जा सकता है. ऐसे में अब इस पूरे मामले पर FDA की नजर बनी हुई है और तीनों कलाकारों की भूमिका को विज्ञापन में शामिल एंडोर्सर के तौर पर देखा जा रहा है.
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Maharashtra Food and Drug Administration: बॉलीवुड के बड़े नाम शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ इन दिनों एक विज्ञापन को लेकर जांच के दायरे में हैं.मामला पान मसाला से जुड़े एक विज्ञापन का है, जिसमें तीनों अभिनेता नजर आए थे. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने अगस्त में तीनों को शो-कॉज नोटिस भेजकर इस विज्ञापन को लेकर जवाब मांगा था.. विभाग को आशंका है कि विज्ञापन के जरिए पान मसाला का सीधे तौर पर नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट तरीके से प्रचार किया जा सकता है. ऐसे में अब इस पूरे मामले पर FDA की नजर बनी हुई है और तीनों कलाकारों की भूमिका को विज्ञापन में शामिल एंडोर्सर के तौर पर देखा जा रहा है.
आखिर विज्ञापन को लेकर क्यों उठे सवाल?
दरअसल, महाराष्ट्र में पान मसाला से जुड़े नियमों और प्रतिबंधों के बीच FDA ने इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठाए हैं. विभाग का मानना है कि किसी दूसरे उत्पाद के नाम और ब्रांडिंग के जरिए उसी ब्रांड के पान मसाला उत्पाद को अप्रत्यक्ष रूप से प्रमोट किए जाने की संभावना हो सकती है. इसी वजह से विज्ञापन में दिखाई देने वाले शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से पूछा गया कि उन्होंने इस विज्ञापन से जुड़ने से पहले किन बातों की जांच की थी और उनके पास इससे संबंधित क्या जानकारी थी. FDA ने 11 अगस्त को तीनों अभिनेताओं को नोटिस भेजा था और करीब 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा था..उनसे विज्ञापन से जुड़े दस्तावेज और उनकी तरफ से की गई जांच-पड़ताल से संबंधित जानकारी भी मांगी गई थी..
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तुकाराम मुंडे ने कही बड़ी बात
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महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने इस मामले में कहा है कि सिर्फ सेलिब्रिटी होने के कारण किसी को नियमों से अलग नहीं देखा जाएगा. उनके मुताबिक, इस मामले में शाहरुख, अजय और टाइगर को बॉलीवुड स्टार के रूप में नहीं, बल्कि विज्ञापन में शामिल एंडोर्सर के तौर पर देखा जा रहा ह. इसलिए उन पर भी संबंधित नियमों के तहत नियामकीय प्रक्रिया लागू होती है.
मुंडे के अनुसार, तीन में से दो अभिनेताओं की ओर से FDA को जवाब मिल चुका है और उन जवाबों की जांच आगे की कार्रवाई के दौरान की जाएगी. वहीं एक अभिनेता की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद उसके खिलाफ एडजुडिकेशन और प्रॉसिक्यूशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. हालांकि, जब उनसे खास तौर पर पूछा गया कि क्या शाहरुख खान ने नोटिस का जवाब दिया है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी पक्की जानकारी नहीं है.
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सिर्फ कंपनी नहीं, Endorser की भी जिम्मेदारी
FDA कमिश्नर ने यह भी कहा कि किसी उत्पाद या ब्रांड का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटी की भी जिम्मेदारी होती है. उनका कहना है कि किसी विज्ञापन का हिस्सा बनने से पहले एंडोर्सर को यह देखना चाहिए कि जिस उत्पाद का प्रचार किया जा रहा है, वह नियमों के अनुरूप है या नहीं और उसके बारे में जरूरी जानकारी की जांच की गई है या नहीं.
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मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा
इस पूरे विवाद के बीच पान मसाला से जुड़ी कंपनी PB Agro LLP ने महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. 14 सितंबर को अदालत ने याचिका को क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के आधार पर खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि इस मामले से जुड़ी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र की अदालतें उचित मंच हैं. हालांकि, कोर्ट ने अपने फैसले में सरोगेट विज्ञापन के आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया.
अभी क्या है मामला?
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फिलहाल FDA की जांच और नियामकीय प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. तीनों अभिनेताओं की ओर से दिए गए जवाब और संबंधित दस्तावेजों को देखा जा रहा है. ऐसे में अभी यह कहना सही नहीं होगा कि इस मामले में अंतिम तौर पर क्या कार्रवाई होगी. आगे की कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.