The Kerala Story 2 Controversy: ‘द केरल स्टोरी 2’ पर मचे बवाल के बाद डिलीट किया गया टीज़र, मेकर्स ने बताई सारी सच्चाई

'द केरल स्टोरी-2' का जबसे टीजर रिलीज़ हुआ है, तभी से इसे लेकर कुछ लोगों ने शोर मचाया हुआ है. वहीं अब मेकर्स ने उन अफवाओं पर विराम लगा दिया है, जिसमें कहा गया था की मेकर्स ने फ़िल्म के टीज़र और ट्रेलर को डिलीट कर दिया है.

The Kerala Story 2 Controversy: ‘द केरल स्टोरी 2’ पर मचे बवाल के बाद डिलीट किया गया टीज़र, मेकर्स ने बताई सारी सच्चाई

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2 – गोइज बियॉन्ड’ का जबसे टीजर रिलीज़ हुआ है, तभी से इसे लेकर बवाल मचा हुआ है. ऐसा दावा किया जा रहा था बढ़ते विवाद के चलते मेकर्स ने फिल्म का टीज़र और ट्रेलर डिलीट कर दिया है. 

‘केरल स्टोरी 2’ के मेकर्स ने अफवाहों पर लगाया विराम

वहीं अब इस तरह की अफवाहों पर मेकर्स ने विराम लगा दिया है. फिल्म के मेकर्स सनशाइन पिक्चर्स ने साफ किया है कि फिल्म के टीजर को हटाने या डिलीट करने की जो खबरें सोशल मीडिया और कुछ मीडिया हाउसों में चल रही हैं, वे पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और भ्रामक हैं.

‘बिना तथ्यों की जांच किए अफवाहें या गलत रिपोर्ट न फैलाएं’
 
कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मामला अभी केरल हाई कोर्ट में विचाराधीन है और कोर्ट ने टीजर या ट्रेलर हटाने का कोई आदेश नहीं दिया है. मेकर्स  ने जोर देकर कहा कि टीजर और ट्रेलर दोनों उनके सभी ऑफिशियल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध रहेंगे. सनशाइन पिक्चर्स ने मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आम लोगों से अपील की है कि वे बिना तथ्यों की जांच किए अफवाहें या गलत रिपोर्ट न फैलाएं. कंपनी ने कहा कि ऐसी गलत सूचनाएं सिर्फ अनावश्यक भ्रम और विवाद पैदा करती हैं.

केरल हाई कोर्ट ने मेकर्स को भेजा नोटिस 

यह स्पष्टीकरण केरल हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें गुरुवार को फिल्म के निर्माताओं को नोटिस जारी किया गया. नोटिस एक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा दी गई मंजूरी को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता ने टीजर और ट्रेलर पर आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि इनमें कई राज्यों की महिलाओं को प्रेम संबंधों के जरिए फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का चित्रण किया गया है.

फिल्म पर क्यों विवाद हो रहा है?

याचिका में दावा किया गया है कि कहानी कई राज्यों से जुड़ी होने के बावजूद फिल्म का टाइटल और प्रचार केवल केरल से जोड़कर आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और साजिश जैसी घटनाओं को दिखाया गया है. टीजर के अंत में हिंदी नारा “अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे” भी विवाद का कारण बना है. याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नारा प्रतिशोध की भावना जगाता है और सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकता है. 

सेंसर बोर्ड पर भी उठाए सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीबीएफसी ने सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 5बी का पालन नहीं किया. इस धारा के तहत ऐसी फिल्मों को प्रमाणन नहीं मिलना चाहिए जो सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता के खिलाफ हों या अपराध के लिए उकसावे का काम करें. 

टीज़र में क्या दिखाया गया था?

30 जनवरी को टीजर जारी होने के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था. इसमें तीन हिंदू लड़कियों (उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया) की कहानी दिखाई गई है, जिनके जीवन में प्रेम संबंधों के बाद धर्म परिवर्तन की साजिश का खुलासा होता है. टीजर में लड़कियां हिजाब पहने अपना दर्द बयां करती हैं और अंत में “अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे” का नारा सुनाई देता है. 

फिल्म की स्टारकास्ट

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बता दें कि इस बार फिल्म में एक नहीं, बल्कि तीन लड़कियों की कहानी दिखाई गई है. फिल्म में लीड रोल में उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया हैं, जिन्होंने उन लड़कियों का रोल प्ले किया है जिनके पतियों ने उनका जबरन धर्मांतरण कराया है. इस फिल्म का डायरेक्शन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है. जबकि विपुल शाह ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है. द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को थियेटर्स पर दस्तक देगी. 

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