‘यादव जी की लव स्टोरी' पर Ban लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, इस दलील के साथ याचिका की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने कड़े शब्दों में फिल्म के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि टाइटल में कुछ भी ऐसा विवादित नहीं है, जैसा 'घूसखोर पंडत' में था.
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फिल्म ’यादव जी की लव स्टोरी' काफी दिनों से विवादों में फंसी हुई है. जबसे इस फिल्म का ट्रेलर सामने आया है, तभी से बवाल मचा हुआ है.
कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से किया इनकार
प्रगति तिवारी, विशाल मोहन, अंकित बढ़ाना और सुखविंदर विक्की स्टारर फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फिल्म के टाइटल और रिलीज पर रोक की मांग को लेकर याचिका दर्ज कराई गई थी. अब कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, और कोर्ट का कहना है कि फिल्म के टाइटल से यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती.
घूसखोर पंडत का जिक्र कर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कड़े शब्दों में फिल्म के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि टाइटल में कुछ भी ऐसा विवादित नहीं है, जैसा 'घूसखोर पंडत' में था. ये मामला घूसखोर पंडत से अलग है. फिल्म के टाइटल से यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती है. जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी फिल्म का टाइटल मात्र इसलिए असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी समुदाय की छवि खराब होने की आशंका जताई जा रही है.
क्यों हो रहा विरोध?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से फिल्म के रिलीज पर लटकी तलवार अब उतर चुकी है. फिल्म के टाइटल में यादव जी और ट्रेलर में यादव समुदाय की लड़की का एक विशेष वर्ग के व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध की वजह से फिल्म का विरोध हो रहा है.
यादव समुदाय ने फ़िल्म के ख़िलाफ़ किया विरोध प्रदर्शन
यूपी के कई हिस्सों में फिल्म के विरोध में नारेबाजी की गई और फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए थे. यादव समुदाय का कहना है कि टाइटल और फिल्म की कहानी के जरिए यादव समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम किया जा रहा है.
प्रगति तिवारी ने भी फिल्म को लेकर सफाई पेश की थी
सोशल मीडिया पर भी फिल्म के बैन की मांग उठ रही है और फिल्म के लीड किरदारों को भी टारगेट किया गया. फिल्म में लीड रोल प्ले कर रही प्रगति तिवारी ने भी फिल्म को लेकर सफाई पेश की थी कि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जो किसी समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाए.
कब रिलीज़ होगी फिल्म
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हालांकि अब कोर्ट के फैसले से साफ है कि फिल्म में कुछ भी असंवैधानिक नहीं है. फिल्म को सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देते हुए रिलीज का आदेश पहले भी दे दिया था. फिल्म 27 फरवरी को यानी 2 दिन बाद सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
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