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'घमंड छोड़िए, पीआर कम कीजिए'... PM मोदी के वीडियो पर विशाल ददलानी का तीखा तंज
Vishal Dadlani Video: पीएम मोदी का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. इन्हीं प्रतिक्रियाओं में मशहूर सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने भी एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान पर तंज कसते हुए अपनी बात रखी.
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Vishal Dadlani Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों ने उन्हें और उनकी मां के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने इस पर दुख जताते हुए सवाल उठाया कि देश के युवाओं की भाषा और संस्कार किस दिशा में जा रहे हैं. पीएम मोदी का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. इन्हीं प्रतिक्रियाओं में मशहूर सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने भी एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान पर तंज कसते हुए अपनी बात रखी...
"टियर गैस, लाठियां और गोलियां चलीं तो कोई बात नहीं, लेकिन गालियों से तकलीफ हुई"
विशाल ददलानी ने अपने वीडियो की शुरुआत हल्के व्यंग्य के साथ की. उन्होंने कहा कि आज वह "लंबी-लंबी छोड़ना" नहीं बल्कि लंबी बात करना चाहते हैं. इसके बाद उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर टियर गैस छोड़ी गई, लाठियां चलीं या गोलियां चलीं, तब उस पर ज्यादा चिंता दिखाई नहीं दी. लेकिन जब कुछ युवाओं ने गुस्से में अपशब्द कह दिए, तब अचानक देश के संस्कारों पर सवाल उठाए जाने लगे. विशाल ने तंज कसते हुए कहा कि लगता है असली दर्द गालियों से हुआ, जबकि बाकी घटनाओं को नजरअंदाज कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने अपनी आवाज उठाई, उनके खिलाफ कार्रवाई हुई, एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें दबाने की कोशिश की गई. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि गुस्सा होना अलग बात है, लेकिन गाली देना सही नहीं माना जा सकता.
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"पेपर लीक और छात्रों की परेशानी पर आक्रोश नहीं, सिर्फ गालियों पर चर्चा"
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अपने वीडियो में विशाल ददलानी ने आगे कहा कि कई लोगों को लगा था कि सरकार का आक्रोश पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर होगा. उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, कई परिवारों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया और कुछ छात्रों ने मानसिक तनाव में अपनी जान तक गंवा दी. लेकिन इन मुद्दों पर उतनी चर्चा नहीं हुई, जितनी इस बात पर हुई कि कुछ छात्रों ने गुस्से में अपशब्द कह दिए. विशाल ने यह भी कहा कि अगर यह कहा जाए कि "बेटियों ने गालियां दीं", तो लड़के और लड़कियों के बीच इस तरह का फर्क करना भी सही नहीं है. उनके मुताबिक, गलत भाषा किसी की भी हो, उसे एक ही नजर से देखा जाना चाहिए.\
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"घमंड छोड़िए, पीआर कम कीजिए और अच्छे सलाहकार रखिए"
वीडियो में विशाल ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वह एक दोस्त की तरह सलाह देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा प्रचार और लगातार रील व वीडियो बनाने के बजाय जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर बेहतर संवाद करना है तो अच्छे लेखक और सलाहकारों की मदद लेनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोगों से जुड़ने का सबसे अच्छा तरीका दिखावटी वीडियो नहीं, बल्कि वास्तविक काम होता है.
"अगर शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी तो यही युवा आपकी तारीफ करेंगे"
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अपने वीडियो के आखिर में विशाल ददलानी ने कहा कि देश के युवा मूल रूप से सकारात्मक सोच रखते हैं और अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करेगी, परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगी और युवाओं की परेशानियों को गंभीरता से सुनेगी, तो यही छात्र आगे चलकर सरकार की तारीफ भी करेंगे. उन्होंने कहा कि युवाओं से वास्तविक जुड़ाव काम के जरिए बनता है, केवल सोशल मीडिया वीडियो या रील बनाकर नहीं. आखिर में उन्होंने अपील की कि प्रचार पर कम और देश के जरूरी मुद्दों पर ज्यादा समय दिया जाए, क्योंकि इससे युवाओं का भरोसा और मजबूत होगा..