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FDA का बड़ा एक्शन! शाहरुख-अजय-टाइगर को नोटिस, जवाब नहीं दिया तो 10 लाख का जुर्माना
FDA: मामला एक ऐसे विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें तीनों अभिनेता चबाने वाली इलायची का प्रचार करते नजर आते हैं. पहली नजर में यह विज्ञापन इलायची का लगता है, लेकिन FDA को शक है कि इसके जरिए उसी ब्रांड के पान मसाला उत्पाद का भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है.
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FDA: महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने पान मसाला से जुड़े कथित सरोगेट विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस भेजा है. मामला एक ऐसे विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें तीनों अभिनेता चबाने वाली इलायची का प्रचार करते नजर आते हैं. पहली नजर में यह विज्ञापन इलायची का लगता है, लेकिन FDA को शक है कि इसके जरिए उसी ब्रांड के पान मसाला उत्पाद का भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है. इसी वजह से विभाग ने तीनों कलाकारों से उनकी भूमिका और इस ब्रांड के साथ उनके जुड़ाव को लेकर जवाब मांगा है.
FDA ने क्यों उठाया यह कदम?
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के मुताबिक, सरोगेट या भ्रामक विज्ञापनों की इजाजत नहीं है. खासकर ऐसे उत्पादों के मामले में, जिनका सीधा प्रचार कानून के तहत प्रतिबंधित है. विभाग का मानना है कि अगर किसी पान मसाला या तंबाकू से जुड़े ब्रांड के नाम और पहचान का इस्तेमाल किसी दूसरे उत्पाद के विज्ञापन में किया जाता है, तो उससे लोगों तक असल में प्रतिबंधित उत्पाद का संदेश पहुंच सकता है.
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महाराष्ट्र FDA ने 14 अगस्त को तीनों अभिनेताओं को नोटिस भेजे. अजय देवगन को उनके जुहू स्थित घर पर, शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके घर ‘मन्नत’ पर और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी के जरिए नोटिस भेजा गया. अब FDA इन तीनों के जवाब का इंतजार कर रहा है. विभाग यह देखेगा कि विज्ञापन में उनकी भूमिका क्या थी और क्या उन्हें इस बात की जानकारी थी कि जिस ब्रांड का वे प्रचार कर रहे हैं, उसकी पहचान पान मसाला से भी जुड़ी हुई है.
जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो क्या होगा?
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तुकाराम मुंढे ने साफ कहा है कि नोटिस भेजना ही FDA का अंतिम कदम नहीं है. अगर तीनों कलाकारों के जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ, तो कानून के तहत आगे कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे मामलों में 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इसके अलावा, अगर मामला प्रतिबंधित उत्पादों के प्रचार से जुड़ा पाया गया, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.
मुंढे ने यह भी कहा कि FDA का मकसद केवल नोटिस जारी करना नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करना है जिसका वास्तविक असर दिखाई दे. जब उनसे पूछा गया कि तीनों सितारों को नोटिस भेजने में इतनी देर क्यों हुई, तो उन्होंने माना कि कार्रवाई में थोड़ी देरी हुई है. हालांकि उनका कहना था कि देर से कार्रवाई होना, कार्रवाई न होने से बेहतर है.
अब सबकी नजर तीनों सितारों के जवाब पर
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फिलहाल मामला जांच के दौर में है और यह कहना जल्दबाजी होगी कि तीनों अभिनेता कानून का उल्लंघन करने के दोषी पाए जाएंगे. FDA पहले उनके जवाब देखेगा और उसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र FDA गुटखा, तंबाकू और पान मसाला जैसे प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रहा है.
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विभाग केवल पान मसाला ही नहीं, बल्कि मिलावटी दूध, रेस्तरां में मिलने वाले खाने, स्कूलों के आसपास बिकने वाले जंक फूड और दूसरे खाद्य पदार्थों की भी जांच कर रहा है. ऐसे में इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े सितारों को किसी ब्रांड का विज्ञापन करते समय उसकी पूरी पृष्ठभूमि और उसके दूसरे उत्पादों की पहचान को लेकर कितनी सावधानी बरतनी चाहिए अब आगे की तस्वीर FDA की जांच और शाहरुख खान, अजय देवगन व टाइगर श्रॉफ के जवाब के बाद ही साफ होगी.