जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

‘पहले अपनी कम्युनिटी की सच्चाई बताऊंगा’, जावेद अख्तर ने मुस्लिम समाज पर खुलकर रखी बात; ओवैसी का नाम लेकर लगाई जमकर फटकार

Javed Akhtar: जावेद अख्तर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया हिंदुस्तान में बहुत से हिंदू हैं जो अपनी चीजों पर लड़ते हैं लेकिन कितने मुसलमान हैं जो इनसे लड़ते हैं, हमारा तो सब ठीक है, सब बढ़िया, ऐसा नहीं चलेगा. तो इसको बताना पहले मेरा फर्ज है.'

‘पहले अपनी कम्युनिटी की सच्चाई बताऊंगा’, जावेद अख्तर ने मुस्लिम समाज पर खुलकर रखी बात; ओवैसी का नाम लेकर लगाई जमकर फटकार
Image Source: IANS
Advertisement

Javed Akhtar: मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर 4 अक्टूबर 2026 को 81 साल के हो गए. उनके जन्मदिन पर पत्नी और अभिनेत्री शबाना आजमी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर उनके पुराने संघर्षों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब जावेद अख्तर महज 19 साल की उम्र में अपने सपनों को लेकर बॉम्बे पहुंचे थे, तब उनकी जेब में सिर्फ 27 नए पैसे थे. उस समय उनके पास न कोई बड़ा सहारा था और न ही यह भरोसा कि आगे जिंदगी किस करवट जाएगी. संघर्ष के उन दिनों में उन्होंने कई मुश्किलें देखीं और कभी फुटपाथ तो कभी रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर रात गुजारकर अपने सपनों को जिंदा रखा.हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने फिर से हिंदू और मुसलमान कम्युनिटी के नजरिए पर खुलकर बात की है..

हिंदू-मुस्लिम समाज पर खुलकर बोले जावेद

जावेद अख्तर लंबे समय से अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में एक बातचीत के दौरान जावेद अख्तर ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि, 'देखिए... ये जो लोग हैं जैसे आरफा खानम शेरवानी, मोहम्मद जुबैर, असदुद्दीन ओवैसी और बाकी... जब बात हिंदू समाज की किसी बुराई या सामाजिक बुराई की होती है तो ये पूरे जोर से बोलते हैं..आवाज बहुत ऊंची हो जाती है. लेकिन जैसे ही सवाल अपनी कम्युनिटी की तरफ मुड़ता है... अपने समाज में जो समस्याएं हैं... तो आंखें बंद हो जाती हैं. चुप्पी छा जाती है.. हिंदू समाज में बहुत सारे लोग अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों की आलोचना करते हैं. खुद की आलोचना करते हैं. लेकिन मुस्लिम समाज में ऐसे बहुत कम लोग मिलेंगे जो अपनी कम्युनिटी के अंदर की बुराइयों पर खुलकर बोलें. ये है इनकी सच्चाई. चुनिंदा बोलना. घर में हमेशा चुप्पी.'

Advertisement

‘अपनी कम्युनिटी की कमी बताना मेरा फर्ज’

जावेद अख्तर ने आगे कहा, 'मैं नास्तिक हूं लेकिन ये भी फैक्ट है कि मैं मुस्लिम कम्युनिटी में पैदा हुआ, तो मेरा फर्ज पहले बनता है कम्युनिटी की खराबी दिखाने का. हिंदुस्तान में बहुत से हिंदू हैं जो अपनी चीजों पर लड़ते हैं लेकिन कितने मुसलमान हैं जो इनसे लड़ते हैं, हमारा तो सब ठीक है, सब बढ़िया, ऐसा नहीं चलेगा. तो इसको बताना पहले मेरा फर्ज है.' 

'आपका काम सिर्फ मनोरंजन करना है’, नसीरुद्दीन शाह-अभिजीत दिपके की मुलाकात के बाद कलाकारों पर भड़के पुनीत इस्सर

संघर्ष से कामयाबी तक का सफर

Advertisement

यह भी पढ़ें

जावेद अख्तर की जिंदगी का शुरुआती दौर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है. मुंबई में शुरुआती दिनों में उन्हें खाने और रहने तक के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई. आज वह हिंदी सिनेमा के जाने-माने लेखक और गीतकार हैं. उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो शबाना आजमी से शादी से पहले उनकी शादी हनी ईरानी से हुई थी... दोनों के दो बच्चे फरहान अख्तर और जोया अख्तर हैं. फरहान और जोया भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके हैं. जावेद अख्तर की कहानी इस बात की मिसाल है कि मुश्किल हालात के बावजूद अगर इंसान अपने सपनों को लेकर लगातार मेहनत करता रहे, तो एक दिन वही संघर्ष उसकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें