'आपका काम सिर्फ मनोरंजन करना है’, नसीरुद्दीन शाह-अभिजीत दिपके की मुलाकात के बाद कलाकारों पर भड़के पुनीत इस्सर
Puneet Issar Statement: नसीरुद्दीन शाह और अभिजीत दपके की मुलाकात के बाद कलाकारों की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पुनीत इस्सर ने कहा कि कलाकारों को बोलने से पहले अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए.
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Puneet Issar Statement: ‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता पुनीत इस्सर ने हाल ही में कलाकारों के राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर बयान देने को लेकर अपनी राय रखी है. नसीरुद्दीन शाह और अभिजीत दपके की मुलाकात के बाद कलाकारों की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पुनीत इस्सर ने कहा कि कलाकारों को बोलने से पहले अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए. उनका मानना है कि कलाकार का सबसे बड़ा काम अपनी कला के जरिए लोगों का मनोरंजन करना और दर्शकों से जुड़ना है.
राजनीति करनी है तो पूरी तरह राजनीति में आएं
IANS से बातचीत में पुनीत इस्सर ने कहा कि अगर कोई कलाकार राजनीति में जाना चाहता है, तो उसे खुलकर राजनीति में आना चाहिए और उसी क्षेत्र में काम करना चाहिए. उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति राजनीतिक भूमिका निभाना चाहता है तो उसे राजनीति में जाकर अपनी बात रखनी चाहिए, जबकि कलाकार के तौर पर उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी अपनी कला और दर्शकों के प्रति होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, जिनकी वजह से वे बार-बार विवादों और खबरों में बने रहें.
विवाद और सुर्खियों से बचने की दी सलाह
पुनीत इस्सर का कहना है कि अगर किसी कलाकार की इच्छा लगातार खबरों में रहने या सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर काम करने की है, तो वह उस क्षेत्र को अपना सकता है. उन्होंने कलाकारों के किसी खास मुद्दे या व्यक्ति के समर्थन में लगातार बयान देने को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि कहीं इसके पीछे किसी तरह का समर्थन या फंडिंग तो नहीं है, जिसकी वजह से कोई कलाकार किसी विशेष विचार या व्यक्ति के पक्ष में अपनी बात रख रहा हो.
Am I dreaming or what? https://t.co/NAA7ZdVPjz
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 2, 2026
‘बोलने से पहले उसके असर के बारे में सोचें’
पुनीत इस्सर ने कलाकारों को अपने शब्दों कोलेकर सावधानी बरतने की सलाह दी. उनका कहना है कि किसी कलाकार की बात को लाखों-करोड़ों लोग सुनते और देखते हैं, इसलिए सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से पहले उसके संभावित असर के बारे में सोचना जरूरी है. उनके मुताबिक, कलाकारों को यह समझना चाहिए कि उनकी निजी राय भी कई बार लोगों के बीच बड़ा प्रभाव पैदा कर सकती है.
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों का सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलना अक्सर चर्चा और विवाद का कारण बन जाता है. जहां कुछ कलाकार अपनी बात खुलकर रखने को जरूरी मानते हैं, वहीं पुनीत इस्सर जैसे कलाकारों का मानना है कि कलाकारों को अपनी जिम्मेदारी और उनके शब्दों के प्रभाव को समझते हुए ही सार्वजनिक बयान देना चाहिए.