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करूर भगदड़ मामला: CBI ने विजय थलापति को फिर भेजा समन, दिल्ली में होंगे सवाल-जवाब

विजय से पहले भी इस मामले में पूछताछ हो चुकी है. इसी साल जनवरी में वह दो बार सीबीआई के सामने पेश हुए थे और एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की थी. उस दौरान रैली के आयोजन, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की तैयारियों से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे.

करूर भगदड़ मामला: CBI ने विजय थलापति को फिर भेजा समन, दिल्ली में होंगे सवाल-जवाब
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तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले की जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है. इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ा कदम उठाते हुए साउथ के सुपरस्टार और राजनीतिक दल तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के प्रमुख थलापति विजय को एक बार फिर पूछताछ के लिए तलब किया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने समन जारी कर उन्हें 15 मार्च को मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा है. 

सेंथिल बालाजी को भी समन जारी किया गया

इसके अलावा करूर के विधायक वी. सेंथिल बालाजी को भी समन जारी किया गया है और उन्हें 17 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. सीबीआई का मानना है कि इस मामले की कई अहम कड़ियों को समझने के लिए दोनों से पूछताछ जरूरी है. 

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CBI ने थलापति विजय को फिर क्यों भेजा समन?

बता दें कि विजय से पहले भी इस मामले में पूछताछ हो चुकी है. इसी साल जनवरी में वह दो बार सीबीआई के सामने पेश हुए थे और एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की थी. उस दौरान रैली के आयोजन, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की तैयारियों से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे. अब नए तथ्यों के सामने आने के बाद एजेंसी ने उन्हें दोबारा तलब किया है, ताकि इन जानकारियों को स्पष्ट किया जा सके. 

सेंथिल बालाजी से क्या पूछा जाएगा?

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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, करूर के विधायक वी. सेंथिल बालाजी से भी कार्यक्रम के आयोजन और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर पूछताछ की जाएगी. एजेंसी यह समझना चाहती है कि कार्यक्रम के आयोजन में स्थानीय स्तर पर किन-किन लोगों की भूमिका थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किस तरह के फैसले लिए गए थे. इसी वजह से उन्हें 17 मार्च को दिल्ली मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है. 

जानें क्या है मामला?

दरअसल, यह पूरा मामला 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई एक दर्दनाक घटना से जुड़ा है. उस दिन विजय की एक बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें उन्हें देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे. स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होती चली गई और अचानक से भगदड़ मच गई. इस हादसे में कई लोगों की जानें चली गईं, और कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए.

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कौन कर रहा था पहले मामले की जांच?

शुरुआत में इस मामले की जांच राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा था. हालांकि, बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दी.

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