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NEET विवाद पर ईशा कोप्पिकर ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- हर मुद्दे पर बोलना जरूरी नहीं

ईशा कोप्पिकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया. अभिनेत्री ने बताया कि कई लोग उनसे पूछ रहे थे कि उन्होंने नीट विवाद पर अब तक अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी. इस पर उन्होंने कहा कि वह भी इस पूरे मामले को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हर विषय पर तुरंत बोलना ही सही तरीका नहीं होता.

Image Credit: IANS
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बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने नीट पेपर लीक विवाद और इस मामले में बॉलीवुड सितारों की चुप्पी को लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने उन लोगों को जवाब दिया है, जो लगातार यह सवाल उठा रहे थे कि आखिर फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकार इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय क्यों नहीं रख रहे हैं. ईशा ने कहा कि किसी भी पब्लिक फिगर के लिए हर मुद्दे पर बोलना जरूरी नहीं होता, बल्कि कई बार सोच-समझकर चुप रहना भी जिम्मेदारी का हिस्सा होता है. 

नीट विवाद पर ईशा कोप्पिकर ने तोड़ी चुप्पी

ईशा कोप्पिकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया. अभिनेत्री ने बताया कि कई लोग उनसे पूछ रहे थे कि उन्होंने नीट विवाद पर अब तक अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी. इस पर उन्होंने कहा कि वह भी इस पूरे मामले को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हर विषय पर तुरंत बोलना ही सही तरीका नहीं होता.

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“हर मुद्दे पर बोलना जरूरी नहीं'

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ईशा ने वीडियो में कहा, ''नमस्कार, कई फैंस मुझसे पूछ रहे थे कि मैं नीट के बारे में बात क्यों नहीं कर रही हूं. इसलिए मुझे लगा कि यह बताना जरूरी है कि चाहे मैं इस समय कितना भी दुखी महसूस कर रही हूं, लेकिन हर चीज पर बोलना जरूरी नहीं होता. कई बार चुप रहना भी एक जिम्मेदारी होती है.''

ईशा ने कहा, ''एक पब्लिक फिगर के तौर पर हम जानते हैं कि हमारी बात को अलग-अलग तरीके से समझा जा सकता है और उस पर फैसला भी सुनाया जा सकता है. लोग अक्सर पूछते हैं कि सेलिब्रिटी क्यों नहीं बोलते? लेकिन जब किसी बात का उल्टा असर होता है, तो उसका सामना हमें ही करना पड़ता है. उस समय कोई हमारे लिए खड़ा नहीं होता.''

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उन्होंने कहा, ''हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है. सेलिब्रिटीज का काम हर मुद्दे पर आवाज उठाना नहीं है. हम उन संस्थाओं या अधिकारियों की जगह भी नहीं ले सकते, जिनके पास फैसले लेने की जिम्मेदारी है. हमारी चुप्पी को बेपरवाह की निशानी मत समझिए. कई बार यह एक ऐसा फैसला होता है, जो काफी सोचने के बाद लिया जाता है.''

उन्होंने आगे कहा, ''सिर्फ नारे लगाने या अपनी आवाज उठाने से बदलाव नहीं आता, बल्कि असली बदलाव तब होता है जब जिम्मेदार लोग सही समय पर सही फैसले लेते हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है. सिर्फ ध्यान पाने, तारीफ हासिल करने या सुर्खियां बटोरने के लिए नहीं, बल्कि किसी उद्देश्य के साथ बोलना चाहिए. क्योंकि आखिर में सार्थक कदम हजारों शब्दों से ज्यादा प्रभाव रखते हैं. जय हिंद.''

दिल्ली समेत कई जगहों पर हो रहा है छात्रों का प्रदर्शन

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गौरतलब है कि ईशा कोप्पिकर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर देशभर में बहस जारी है. दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्र इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 

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