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भक्ति में लीन… और फिर फूट-फूटकर रोने लगीं, भगवान के दरबार में खुद को रोक नहीं पाईं मैथिली ठाकुर

जयपुर के एक मंदिर में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर फूट-फूटकर अचानक रोने लगीं. जानिए, आखिर ऐसा क्या हुआ कि उनकी आंखें नम हो गईं.

भक्ति में लीन… और फिर फूट-फूटकर रोने लगीं, भगवान के दरबार में खुद को रोक नहीं पाईं मैथिली ठाकुर
Image Credit- Social_Media

बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका और दरभंगा के अलीनगर से बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर हाल ही में जयपुर के ऐतिहासिक गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं थीं. मंदिर के अलौकिक और भक्तिपूर्ण वातावरण ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला कि वे भावुक हो गईं और उनके आंखों से आंसू की धारा बहने लगी. मैथिली ठाकुर की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

भजन सुन भावुक हुईं मैथिली ठाकुर

दरअसल, बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर अपने भाई ऋषभ और अयाची के साथ मंदिर में दर्शन करने गई थीं. धार्मिक वातावरण देखकर और मंदिर में गूंज रहे पारंपरिक भजन "आज तो नवेली राधा गोरल पूजण आई छै" को सुनकर वे काफी भावुक नजर आईं. अपने इस अनुभव को साझा करते हुए मैथिली ने फेसबुक पर लिखा, "आज तक मैंने ऐसा कभी अनुभव नहीं किया था. गोविंददेवजी मंदिर के वातावरण, भक्तों के भजनों, और घंटियों की मधुर गूंज ने मेरे हृदय को गहराई से स्पर्श किया. मेरी आंखों से अविरल आंसू बहते रहे और मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे मन का सारा बोझ हल्का हो गया हो”.

‘यूनिक रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा’ कार्यक्रम में शामिल होने गईं थीं मैथिली ठाकुर

मैथिली ठाकुर जयपुर में आयोजित 'यूनिक रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा' कार्यक्रम में शामिल होने आईं थीं. वे अपनी सुरीली आवाज में मैथिली, भोजपुरी और हिंदी लोकगीतों के माध्यम से अपनी पहचान बना चुकी हैं. उनकी यात्रा के दौरान रविवार को एक भव्य म्यूजिक कंसर्ट का भी आयोजन किया गया.

मैथिली ठाकुर ने सीएम भजनलाल शर्मा से की मुलाकात

अपनी जयपुर यात्रा के दौरान मैथिली ठाकुर ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने मैथिली और उनके भाइयों का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "अपनी सुरीली आवाज से भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वालीं बिहार की युवा विधायक मैथिली ठाकुर जी से आज मुख्यमंत्री निवास पर भेंट हुई. इस दौरान राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और लोक कलाओं के संरक्षण पर सार्थक चर्चा हुई. अपनी जड़ों के प्रति युवा प्रतिभाओं का यह समर्पण सराहनीय है”. 

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