Advertisement
सावन के पहले सोमवार पर शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना क्रोधित हो जाएंगे महादेव
सावन सोमवार के व्रत में सात्विकता का विशेष महत्व होता है. इसलिए इस दिन क्रोध, झूठ, अपशब्द और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि केवल पूजा करने से नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार और संयम से भी भगवान शिव प्रसन्न होते हैं.
Advertisement
सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने और जलाभिषेक करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान कुछ ऐसी गलतियां हैं, जिनसे बचना बहुत जरूरी है.
भगवान शिव को ना चढ़ाए ये चीजें
सबसे पहली बात, भगवान शिव को कभी भी हल्दी, सिंदूर या कुमकुम नहीं चढ़ाना चाहिए. ये चीजें देवी पूजा में अधिक उपयोग की जाती हैं, जबकि शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है.
Advertisement
बेलपत्र चढ़ाते समय भी सावधानी जरूरी है
Advertisement
बेलपत्र चढ़ाते समय भी सावधानी जरूरी है. बेलपत्र तीन पत्तियों वाला, साफ और बिना टूटा हुआ होना चाहिए. कीड़े लगे, सूखे या फटे हुए बेलपत्र भगवान शिव को नहीं चढ़ाने चाहिए. साथ ही बेलपत्र की चिकनी सतह शिवलिंग की ओर रखकर अर्पित करने की परंपरा मानी जाती है.
तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाएं
Advertisement
पूजा के दौरान तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाने चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित माना गया है. वहीं केतकी (केवड़ा) का फूल भी भगवान शिव को अर्पित नहीं किया जाता.
जलाभिषेक करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए
जलाभिषेक करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. धीरे-धीरे "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धा और शांत मन से जल चढ़ाना शुभ माना जाता है. पूजा केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि पूरी आस्था और भक्ति के साथ करनी चाहिए.
Advertisement
पूजा स्थल को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए
अगर आप दूध से अभिषेक कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि उसके बाद साफ जल भी जरूर चढ़ाएं. इससे शिवलिंग की शुद्धि मानी जाती है. अभिषेक में इस्तेमाल किया गया जल या दूध इधर-उधर नहीं फैलाना चाहिए और पूजा स्थल को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए.
सावन सोमवार के व्रत में सात्विकता का विशेष महत्व होता है
Advertisement
सावन सोमवार के व्रत में सात्विकता का विशेष महत्व होता है. इसलिए इस दिन क्रोध, झूठ, अपशब्द और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि केवल पूजा करने से नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार और संयम से भी भगवान शिव प्रसन्न होते हैं.
दूसरों की पूजा में बाधा डालने से बचें
यह भी पढ़ें
अगर मंदिर में ज्यादा भीड़ हो तो धक्का-मुक्की करने या दूसरों की पूजा में बाधा डालने से बचें. अपनी बारी आने पर शांतिपूर्वक दर्शन करें और नियमों का पालन करें. यदि किसी कारणवश मंदिर जाकर जलाभिषेक करना संभव न हो तो घर पर भगवान शिव का ध्यान, मंत्र जाप और शिव चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है.