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सावन के पहले दिन महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भस्म आरती में शामिल हुए रजत पाटीदार और गायक दीप मनी
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन के पहले दिन पर बाबा के दर्शन करने उमड़ा भक्तों का जनसैलाब.
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भगवान शिव को समर्पित सावन मास के शुभारंभ के साथ उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला. सावन के पहले दिन तड़के आयोजित बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. देर रात से ही भक्त दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए. मंदिर परिसर 'जय महाकाल' के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.
सावन के पहले दिन पर महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल का विशेष पूजन-अर्चन किया गया. इसके बाद पंचामृत अभिषेक, दिव्य शृंगार और भोग की प्रक्रिया संपन्न हुई. भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए. आरती का अलौकिक दृश्य देखकर भक्तों ने इसे जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया. कई श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन के पहले दिन भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए महाकाल का विशेष आशीर्वाद है.
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भस्म आरती में शामिल हुए श्रद्धालु
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भस्म आरती में पहली बार शामिल हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह स्वयं को बेहद सौभाग्यशाली मानते हैं. उन्होंने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन होना उनके जीवन का सबसे अनमोल उपहार है. उन्होंने इस दिव्य अनुभव को शब्दों से परे बताते हुए कहा कि महाकाल की कृपा से उन्हें आत्मिक शांति की अनुभूति हुई.
रजत पाटीदार और गायक दीप मनी ने की महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार ने सावन मास के पहले दिन उज्जैन स्थित भगवान महाकाल के दर्शन किए.
पाटीदार ने अपनी पत्नी और बच्चे के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और विधिवत तरीके से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की.
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इस दौरान पंजाबी गायक दीप मनी भी महाकाल मंदिर पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया. उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए बाबा महाकाल के दर्शन को बेहद शांतिपूर्ण और दिव्य अनुभव बताया. सावन के पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर महाकाल मंदिर की धार्मिक महत्ता और भक्तों की अटूट आस्था को उजागर किया. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं, जिससे दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम सुचारु रूप से चलता रहा.
भस्म आरती से पहले बाबा को भांग से विशेष रूप से सजाया गया
एक भक्त ने कहा कि यह सदियों पुरानी परंपरा है. मंदिर के दरवाज़े सुबह 3 बजे खुले और बाबा महाकाल की विशेष पूजा और पंचामृत अभिषेक (दही, दूध, शहद, चीनी और घी से) किया गया, जिसके बाद केसर से स्नान कराया गया. भस्म आरती से पहले बाबा को भांग से विशेष रूप से सजाया गया.
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एक भक्त ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि आज से सावन की शुरुआत हो रही है, जो भगवान शिव का प्रिय महीना है. महाकाल के भक्तों के लिए ऐसा लग रहा है जैसे कोई बड़ा त्योहार शुरू हो गया हो. बाबा महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए और ऐसा महसूस हुआ मानो वे स्वयं हमारे बीच मौजूद हों.