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ऋषि पंचमी 2026: आज सप्तऋषियों की पूजा का विशेष दिन, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग

सोमवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा.उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा.ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए.यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.

ऋषि पंचमी 2026: आज सप्तऋषियों की पूजा का विशेष दिन, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग
Image Credit: AI
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है.कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है.पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.

ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व

15 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, सुबह 7:44 बजे तक है. इसके बाद पंचमी हो जाएगी.इस दिन ऋषि पंचमी का पर्व है, इसलिए सप्तऋषि (सात ऋषियों) की पूजा की जाती है. व्रत मुख्य रूप से आत्म-शुद्धि और सप्त ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए किया जाता है. महिलाएं अनजाने में हुई अशुद्धियों या दोषों से मुक्ति के लिए यह व्रत रखती हैं.

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सोमवार सुबह 6:17 बजे सूर्योदय और शाम 6:27 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 9:55 बजे चंद्रोदय और रात 9:01 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित रहेगा।

शुभ योग और मुहूर्त

सोमवार को दोपहर 12:18 बजे तक ऐन्द्र योग रहेगा, इसके बाद वैधृति योग शुरू हो जाएगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा.यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल सुबह 6:00 से 7:41 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल दोपहर 3:24 बजे से 4:55 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:22 से 1:53 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 9:19 से 10:50 बजे तक रहेगा.पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.

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सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

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सोमवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा.उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा.ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए.यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.

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