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चीन के साथ करोड़ों की ट्रेड डील लेकिन डिफेंस में भारत पर भरोसा, दिल्ली से मिली बड़ी मदद, भारतीय वॉरशिप होंगे तैनात

वियतनाम में भारतीय नौसेना की यह पहली बड़ी उपस्थिति है. यह दौरा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को और अधिक गहन और मजबूत करने का काम करेगा.

Image Source- IANS
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हाल ही में बीजिंग और वियतनाम के बीच बड़ी ट्रेड डील हुई है. दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर का व्यापारिक संबंध हैं, लेकिन जब बात डिफेंस की आई तो वियतनाम ने भारत पर भरोसा जताया है. इसी दिशा में भारतीय नौसेना के युद्धपोत वियतनाम पहुंच चुके हैं. ये युद्धपोत नौसेना के पूर्वी बेड़े के अंतर्गत संचालित ऑपरेशनल तैनाती के हिस्से के रूप में यहां पहुंचे हैं.  

नौसेना के मुताबिक, INS उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती 22 जून को वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी स्थित न्हा रोंग बंदरगाह पहुंचे हैं. नौसेना के युद्धपोत स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित हैं. इस नौसैनिक दल का नेतृत्व पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद कर रहे हैं. 

जानें वियतनाम पहुंचे भारतीय वॉरशिप की खासियत 

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गौरतलब है कि इस तैनाती में शामिल INS उदयगिरि एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है. वहीं INS कवरत्ती की बात करें तो यह पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता से लैस एक उन्नत कोर्वेट है. ये दोनों ही युद्धपोत भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति का उदाहरण हैं. यहां बंदरगाह प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना और वियतनाम पीपुल्स नेवी के बीच अनेक पेशेवर गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इनमें सैन्य विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श, क्रॉस-डेक विजिट, संयुक्त खेल प्रतियोगिताएं तथा सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम शामिल हैं. 

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इसके अतिरिक्त दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठकें भी आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों में क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की जानी है. 

वियतनाम में भारतीय वॉरशिप की तैनाती के क्या हैं मायने? 

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दरअसल भारतीय नौसैनिक युद्धपोतों की यह वियतनाम यात्रा विशेष महत्व रखती है. अभी हाल ही में मई 2026 में भारत और वियतनाम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत व्यापक सामरिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया था. इसके बाद वियतनाम में भारतीय नौसेना की यह पहली बड़ी उपस्थिति है. 

माना जा रहा है कि यह दौरा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को और अधिक गहन और मजबूत करने का काम करेगा. इसके साथ-साथ यह यात्रा क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और मुक्त नौवहन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगी. भारतीय नौसेना की यह तैनाती मित्र देशों के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता को सुदृढ़ करने और क्षेत्र में भारत की सक्रियता को दर्शाता है.  

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यह भारत की एक जिम्मेदार समुद्री भूमिका को प्रदर्शित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. हो ची मिन्ह सिटी पहुंचने पर भारतीय युद्धपोतों का वियतनाम पीपुल्स नेवी, हो ची मिन्ह सिटी पीपुल्स कमेटी और बंदरगाह प्राधिकरणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. यह स्वागत दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों और निरंतर मजबूत हो रही समुद्री साझेदारी का प्रतीक है. 

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